गण 26 — कपयः
कपयः गण भारद्वाज (आङ्गिरस) ऋषि-कुल का गण है। आश्वलायन, आपस्तम्ब, बौधायन, कात्यायन, मत्स्य पुराण के अनुसार इसका प्रवर है — आङ्गिरस, आमहीयव, औरुक्षय। सूत्रों में इसके 1 और रूप भी मिलते हैं। ग्रंथ ने इस गण में 76 नाम दर्ज किए हैं।
संक्षेप में
कपयः गण भारद्वाज (आङ्गिरस) ऋषि-कुल का गण है। आश्वलायन, आपस्तम्ब, बौधायन, कात्यायन, मत्स्य पुराण के अनुसार इसका प्रवर है — आङ्गिरस, आमहीयव, औरुक्षय। सूत्रों में इसके 1 और रूप भी मिलते हैं। ग्रंथ ने इस गण में 76 नाम दर्ज किए हैं।
प्रवर
| प्रवर | ऋषि | किस ग्रंथ के अनुसार | |
|---|---|---|---|
| आङ्गिरस · आमहीयव · औरुक्षय | 3 | आश्वलायन, आपस्तम्ब, बौधायन, कात्यायन, मत्स्य पुराण | तालिका का मुख्य |
| आङ्गिरस · तैत्तिरि · कापिभुव | 3 | मत्स्य पुराण | इस ग्रंथ का मुख्य |
स्वतंत्र मिलान: The Matsya Puranam, Part 2 (Sacred Books of the Hindus, vol. 17) (1917), अध्याय 196 — “Angira, Damavahya, Uruksaya · Angira, Titira, Kapibhu”. यह ऊपर दिए मत्स्य पाठ से मेल खाता है।
मत्स्य पुराण दूसरा रूप तित्तिरि, कपिभू और गार्ग्य परिवारों के लिए बताता है.
इस गण के गोत्र-पृष्ठ
इस गण में दर्ज नाम (76)
गोत्र-प्रवर ग्रंथों के अनुसार एक गण के गोत्रों में आपस में विवाह वर्जित माना गया है। सूची ग्रंथ में जैसी छपी है, वैसी ही है। नाम के आगे लिखे संकेत बताते हैं कि वह नाम किस ग्रंथ की सूची में है।
- 1अध्वासुःका
- 2अमावास्यायनःका
- 3ऊर्ध्वस्थःका
- 4ऊर्वःका
- 5ऊर्वसुःका
- 6ऐतिशायनाःबो
- 7औपीतकिःबो
- 8कण्ठरिःका
- 9कण्वःम
- 10कपयःआप, आश्व, बो
- 11कपिःका
- 12कपिस्तरिःका
- 13कपीतरःम
- 14कपैतरःम
- 15करखण्डाःबो
- 16करसिखण्डाःबो
- 17कलशीकण्ठाःम
- 18कलसीम, का
- 19कात्यःम
- 20कात्यायनःका
- 21कारीरयःम
- 22कुशीदकिःम
- 23क्षवजः ?म
- 24चैतकिःका
- 25जलसन्धिःम
- 26जलासिन्धाकिःम
- 27जलम्भिम्बिः ?म
- 28तरस्विःबो
- 29ताण्डिनःबो
- 30तित्तिरिःका
- 31तिवरथिःका
- 32तैवरन्धिःका
- 33दण्डिःका
- 34दाक्षिःम
- 35दाडःम
- 36दिक्षःम
- 37देवमतिःम
- 38धान्यायनिःम
- 39पतञ्जलाःबो
- 40पतञ्जलिःका, म
- 41पौष्टयःबो
- 42बिन्दुःम
- 43भारद्वाजःम
- 44भारद्वाजिःम
- 45भावास्यायनिःम
- 46भूयसीका, म
- 47भोजसयःबो
- 48भोजसिनःबो
- 49मादःम
- 50मैषीतकिःबो
- 51राजकेशीम
- 52राजिकेशीका
- 53रोजटिःम
- 54लघ्वीम
- 55वान्यायनःका
- 56वान्यायनिःम
- 57विदिःका
- 58विदुःका
- 59वैतलायनाःबो
- 60वौषडिःम
- 61शक्तिःका
- 62शम्सपिः ?म
- 63शाकरवाःबो
- 64शार्भरवाःबो
- 65शालिःम
- 66सलिःम
- 67सागरःबो
- 68साम्शयः ?बो
- 69सावस्यायनिःम
- 70सासविःम
- 71सौजरिःम
- 72सौबुद्धिःम
- 73स्वदांतरःम
- 74स्वस्तरिःका
- 75स्वस्तितरःम
- 76स्वैदतरःम
संकेत: आश्व = आश्वलायन · आप = आपस्तम्ब · बो = बौधायन · का = कात्यायन · म = मत्स्य पुराण. "?" = मूल छपाई साफ़ नहीं, नाम की पढ़त अनिश्चित।
भारद्वाज (आङ्गिरस)-कुल के अन्य गण
स्रोत
पी. चेन्सल राव (सं.), गोत्रप्रवरनिबन्धकदम्बम् (1900), "प्रवराः, गोत्रगणाश्च", पृष्ठ 238–239 (archive.org leaf 278–279)।
