गण 23 — मातवचसः
मातवचसः गण भारद्वाज (आङ्गिरस) ऋषि-कुल का गण है। आश्वलायन, आपस्तम्ब, बौधायन के अनुसार इसका प्रवर है — आङ्गिरस, बार्हस्पत्य, भारद्वाज, वान्दन, मातवचस। सूत्रों में इसके 1 और रूप भी मिलते हैं। ग्रंथ ने इस गण में 11 नाम दर्ज किए हैं।
संक्षेप में
मातवचसः गण भारद्वाज (आङ्गिरस) ऋषि-कुल का गण है। आश्वलायन, आपस्तम्ब, बौधायन के अनुसार इसका प्रवर है — आङ्गिरस, बार्हस्पत्य, भारद्वाज, वान्दन, मातवचस। सूत्रों में इसके 1 और रूप भी मिलते हैं। ग्रंथ ने इस गण में 11 नाम दर्ज किए हैं।
प्रवर
| प्रवर | ऋषि | किस ग्रंथ के अनुसार | |
|---|---|---|---|
| आङ्गिरस · बार्हस्पत्य · भारद्वाज · वान्दन · मातवचस | 5 | आश्वलायन, आपस्तम्ब, बौधायन | तालिका का मुख्य |
| आङ्गिरस · वान्दन · मातवच | 3 | आपस्तम्ब | विकल्प |
आश्वलायन और आपस्तम्ब यह प्रवर "ऋक्ष" परिवारों के लिए, और बौधायन "रौक्षायण" के लिए बताते हैं. प्रवरदर्पण में उद्धृत मत्स्य-सूची (p. 164) रौक्षायण के साथ कपिल, शबल, शिपिल आदि नाम भी गिनाती है.
इस गण के गोत्र-पृष्ठ
इस गण में दर्ज नाम (11)
गोत्र-प्रवर ग्रंथों के अनुसार एक गण के गोत्रों में आपस में विवाह वर्जित माना गया है। सूची ग्रंथ में जैसी छपी है, वैसी ही है। नाम के आगे लिखे संकेत बताते हैं कि वह नाम किस ग्रंथ की सूची में है।
- 1अग्निजिह्वीबो
- 2ऋक्षाःआश्व, आप
- 3कर्णिःबो
- 4कौथुमःबो
- 5कौथुयःबो
- 6रौक्षायणाःबो
- 7वैकिडाःबो
- 8वैपिण्डीबो
- 9शिपिलाःबो
- 10शैपिलाःबो
- 11सूतिःबो
संकेत: आश्व = आश्वलायन · आप = आपस्तम्ब · बो = बौधायन · का = कात्यायन · म = मत्स्य पुराण.
भारद्वाज (आङ्गिरस)-कुल के अन्य गण
स्रोत
पी. चेन्सल राव (सं.), गोत्रप्रवरनिबन्धकदम्बम् (1900), "प्रवराः, गोत्रगणाश्च", पृष्ठ 230 (archive.org leaf 270)।
