भारद्वाज (आङ्गिरस)-कुल के गण और प्रवर

गोत्र-प्रवर ग्रंथों की तालिका में भारद्वाज (आङ्गिरस) ऋषि-कुल के 6 गण हैं (गण 23–28)। हर गण का अपना प्रवर है, और कई गणों में अलग-अलग सूत्र प्रवर के अलग रूप बताते हैं। नीचे हर गण का प्रवर, ग्रंथ के अनुसार, दिया गया है।

संक्षेप में

गोत्र-प्रवर ग्रंथों की तालिका में भारद्वाज (आङ्गिरस) ऋषि-कुल के 6 गण हैं (गण 23–28)। हर गण का अपना प्रवर है, और कई गणों में अलग-अलग सूत्र प्रवर के अलग रूप बताते हैं। नीचे हर गण का प्रवर, ग्रंथ के अनुसार, दिया गया है।

एक नज़र में

गण 23 — मातवचसःआङ्गिरस, बार्हस्पत्य, भारद्वाज, वान्दन, मातवचस · 11 नाम
गण 24 — भारद्वाजाःआङ्गिरस, बार्हस्पत्य, भारद्वाज · 255 नाम
गण 25 — शैन्याःआङ्गिरस, बार्हस्पत्य, भारद्वाज, गार्ग्य, शैन्य · 126 नाम
गण 26 — कपयःआङ्गिरस, आमहीयव, औरुक्षय · 76 नाम
गण 27 — आत्मभुवःआङ्गिरस, बार्हस्पत्य, भारद्वाज, मान्त्रवर, आत्मभुव · 10 नाम
गण 28 — शौङ्गशैशिरयःआङ्गिरस, बार्हस्पत्य, भारद्वाज, कात्य, आत्कील · 9 नाम

गण 23 — मातवचसः

प्रवरऋषिकिस ग्रंथ के अनुसार
आङ्गिरस · बार्हस्पत्य · भारद्वाज · वान्दन · मातवचस5आश्वलायन, आपस्तम्ब, बौधायनतालिका का मुख्य
आङ्गिरस · वान्दन · मातवच3आपस्तम्बविकल्प

आश्वलायन और आपस्तम्ब यह प्रवर "ऋक्ष" परिवारों के लिए, और बौधायन "रौक्षायण" के लिए बताते हैं. प्रवरदर्पण में उद्धृत मत्स्य-सूची (p. 164) रौक्षायण के साथ कपिल, शबल, शिपिल आदि नाम भी गिनाती है.

इस गण में ग्रंथ ने 11 नाम दर्ज किए हैं। पूरी सूची देखें · कपिल गोत्र

गण 24 — भारद्वाजाः

प्रवरऋषिकिस ग्रंथ के अनुसार
आङ्गिरस · बार्हस्पत्य · भारद्वाज3आश्वलायन, आपस्तम्ब, बौधायन, कात्यायन, मत्स्य पुराणतालिका का मुख्य

स्वतंत्र मिलान: The Matsya Puranam, Part 2 (Sacred Books of the Hindus, vol. 17) (1917), अध्याय 196 — “Angira, Brihaspati, Bharadvaja”. यह ऊपर दिए मत्स्य पाठ से मेल खाता है।

इस गण में ग्रंथ ने 255 नाम दर्ज किए हैं। पूरी सूची देखें · भारद्वाज गोत्र

गण 25 — शैन्याः

प्रवरऋषिकिस ग्रंथ के अनुसार
आङ्गिरस · बार्हस्पत्य · भारद्वाज · गार्ग्य · शैन्य5आश्वलायन, बौधायन, मत्स्य पुराणतालिका का मुख्य
आङ्गिरस · शैन्य · गार्ग्य3आश्वलायन, बौधायनविकल्प
आङ्गिरस · शैन्य · गार्ग्य3कात्यायनइस ग्रंथ का मुख्य
आङ्गिरस · बार्हस्पत्य · भारद्वाज · शैन्य · गार्ग्य5कात्यायनविकल्प
आङ्गिरस · गार्ग्य · शैन्य3आपस्तम्बइस ग्रंथ का मुख्य
भारद्वाज · गार्ग्य · शैन्य3आपस्तम्बविकल्प

स्वतंत्र मिलान: The Matsya Puranam, Part 2 (Sacred Books of the Hindus, vol. 17) (1917), अध्याय 196 — “Angira, Brihaspati, Bharadvaja, Garga, Sainya”. यह ऊपर दिए मत्स्य पाठ से मेल खाता है।

कात्यायन पाँच ऋषियों वाला रूप आत्रेयायणि आदि परिवारों के लिए देते हैं, और तीन ऋषियों वाला "आङ्गिरस, शैन्य, गार्ग्य" गर्ग, तित्तिरि, कपिभू, खण्डित आदि के लिए.

इस गण में ग्रंथ ने 126 नाम दर्ज किए हैं। पूरी सूची देखें · गर्ग गोत्र

गण 26 — कपयः

प्रवरऋषिकिस ग्रंथ के अनुसार
आङ्गिरस · आमहीयव · औरुक्षय3आश्वलायन, आपस्तम्ब, बौधायन, कात्यायन, मत्स्य पुराणतालिका का मुख्य
आङ्गिरस · तैत्तिरि · कापिभुव3मत्स्य पुराणइस ग्रंथ का मुख्य

स्वतंत्र मिलान: The Matsya Puranam, Part 2 (Sacred Books of the Hindus, vol. 17) (1917), अध्याय 196 — “Angira, Damavahya, Uruksaya · Angira, Titira, Kapibhu”. यह ऊपर दिए मत्स्य पाठ से मेल खाता है।

मत्स्य पुराण दूसरा रूप तित्तिरि, कपिभू और गार्ग्य परिवारों के लिए बताता है.

इस गण में ग्रंथ ने 76 नाम दर्ज किए हैं। पूरी सूची देखें · कात्यायन गोत्र · भारद्वाज गोत्र · कपि गोत्र

गण 27 — आत्मभुवः

प्रवरऋषिकिस ग्रंथ के अनुसार
आङ्गिरस · बार्हस्पत्य · भारद्वाज · मान्त्रवर · आत्मभुव5मत्स्य पुराणतालिका का मुख्य

इस गण में ग्रंथ ने 10 नाम दर्ज किए हैं। पूरी सूची देखें · मानव गोत्र · भारद्वाज गोत्र

गण 28 — शौङ्गशैशिरयः

प्रवरऋषिकिस ग्रंथ के अनुसार
आङ्गिरस · बार्हस्पत्य · भारद्वाज · कात्य · आत्कील5आश्वलायन, आपस्तम्बतालिका का मुख्य
आङ्गिरस · कात्य · आक्षील3आपस्तम्बविकल्प
आङ्गिरस · बार्हस्पत्य · भारद्वाज · शौङ्ग · शैशिर5कात्यायनइस ग्रंथ का मुख्य
आङ्गिरस · भारद्वाज · बार्हस्पत्य · मौद्गल्य · शैशिर5मत्स्य पुराणइस ग्रंथ का मुख्य

स्वतंत्र मिलान: The Matsya Puranam, Part 2 (Sacred Books of the Hindus, vol. 17) (1917), अध्याय 196 — “Angira, Bharadvaja, Brihaspati, Maudgalya, Shaishira”. यह ऊपर दिए मत्स्य पाठ से मेल खाता है।

शौङ्ग-शैशिर "द्व्यामुष्यायण" (दो गोत्र वाले) माने गए हैं. मत्स्य वाला रूप ग्रंथ की इस तालिका में नहीं है; वह मत्स्य पुराण (अ. 196) के अंग्रेज़ी और हिन्दी दोनों अनुवादों से लिया गया है.

इस गण में ग्रंथ ने 9 नाम दर्ज किए हैं। पूरी सूची देखें · भारद्वाज गोत्र

भारद्वाज (आङ्गिरस)-कुल के गोत्र-पृष्ठ

स्रोत

पी. चेन्सल राव (सं.), गोत्रप्रवरनिबन्धकदम्बम् (1900), "प्रवराः, गोत्रगणाश्च", पृष्ठ 230–240 (archive.org leaf 270–280)। मत्स्य पुराण से मिलान: The Matsya Puranam, Part 2 (1917).