गण 35 — श्यावाश्वाः
| प्रवर | ऋषि | किस ग्रंथ के अनुसार | |
|---|---|---|---|
| आत्रेय · आर्चनानस · श्यावाश्व | 3 | आश्वलायन, आपस्तम्ब, बौधायन, कात्यायन, मत्स्य पुराण | तालिका का मुख्य |
स्वतंत्र मिलान: The Matsya Puranam, Part 2 (Sacred Books of the Hindus, vol. 17) (1917), अध्याय 197 — “Shyavashva, Atri, Archananasa”. यह ऊपर दिए मत्स्य पाठ से मेल खाता है।
इस गण में ग्रंथ ने 167 नाम दर्ज किए हैं। पूरी सूची देखें · अत्रि गोत्र · कृष्णात्रेय गोत्र
गण 36 — गविष्ठिराः
| प्रवर | ऋषि | किस ग्रंथ के अनुसार | |
|---|---|---|---|
| आत्रेय · गाविष्ठिर · पौर्वातिथ | 3 | आश्वलायन, कात्यायन, मत्स्य पुराण | तालिका का मुख्य |
| आत्रेय · आर्चनानस · गाविष्ठिर | 3 | आपस्तम्ब, बौधायन | इस ग्रंथ का मुख्य |
इस गण में ग्रंथ ने 29 नाम दर्ज किए हैं। पूरी सूची देखें
गण 37 — अतिथयः
| प्रवर | ऋषि | किस ग्रंथ के अनुसार | |
|---|---|---|---|
| आत्रेय · आर्चनानस · पौर्वातिथ | 3 | बौधायन | तालिका का मुख्य |
| आत्रेय · आर्चनानस · आतिथ | 3 | आपस्तम्ब | इस ग्रंथ का मुख्य |
बौधायन यह प्रवर मुद्गलों के लिए, और आपस्तम्ब अपना रूप अतिथियों के लिए बताते हैं.
इस गण में ग्रंथ ने 22 नाम दर्ज किए हैं। पूरी सूची देखें
गण 38 — वाग्भूतकाः
| प्रवर | ऋषि | किस ग्रंथ के अनुसार | |
|---|---|---|---|
| आत्रेय · आर्चनानस · वाग्भूतक | 3 | बौधायन | तालिका का मुख्य |
इस गण में ग्रंथ ने 2 नाम दर्ज किए हैं। पूरी सूची देखें
गण 39 — पुत्रिकापुत्राः
| प्रवर | ऋषि | किस ग्रंथ के अनुसार | |
|---|---|---|---|
| आत्रेय · वामरथ्य · पौत्रिक | 3 | कात्यायन, मत्स्य पुराण | तालिका का मुख्य |
स्वतंत्र मिलान: The Matsya Puranam, Part 2 (Sacred Books of the Hindus, vol. 17) (1917), अध्याय 197 — “Atri, Vamarathya, Pautri”. यह ऊपर दिए मत्स्य पाठ से मेल खाता है।
मत्स्य पुराण (अ. 197) के अनुसार ये महर्षि अत्रि की पुत्री के पुत्र माने गए हैं — इसीलिए गण का नाम "पुत्रिकापुत्र".
इस गण में ग्रंथ ने 14 नाम दर्ज किए हैं। पूरी सूची देखें
गण 40 — सुमङ्गलाः
| प्रवर | ऋषि | किस ग्रंथ के अनुसार | |
|---|---|---|---|
| आत्रेय · सौमङ्गल · श्यावाश्व | 3 | प्रवरदर्पण (कमलाकर भट्ट) | तालिका का मुख्य |
इस गण में ग्रंथ ने 0 नाम दर्ज किए हैं। पूरी सूची देखें
