गण 4 — बिदाः
बिदाः गण भृगु ऋषि-कुल का गण है। आश्वलायन, बौधायन के अनुसार इसका प्रवर है — भार्गव, च्यावन, आप्नवान, और्व, बैद। सूत्रों में इसके 2 और रूप भी मिलते हैं। ग्रंथ ने इस गण में 39 नाम दर्ज किए हैं।
संक्षेप में
बिदाः गण भृगु ऋषि-कुल का गण है। आश्वलायन, बौधायन के अनुसार इसका प्रवर है — भार्गव, च्यावन, आप्नवान, और्व, बैद। सूत्रों में इसके 2 और रूप भी मिलते हैं। ग्रंथ ने इस गण में 39 नाम दर्ज किए हैं।
प्रवर
| प्रवर | ऋषि | किस ग्रंथ के अनुसार | |
|---|---|---|---|
| भार्गव · च्यावन · आप्नवान · और्व · बैद | 5 | आश्वलायन, बौधायन | तालिका का मुख्य |
| भार्गव · और्व · जामदग्न्य | 3 | कात्यायन | इस ग्रंथ का मुख्य |
| भार्गव · च्यावन · आप्नवान | 3 | मत्स्य पुराण | इस ग्रंथ का मुख्य |
स्वतंत्र मिलान: The Matsya Puranam, Part 2 (Sacred Books of the Hindus, vol. 17) (1917), अध्याय 195 — “Bhrigu, Chyavana, Apnuvana”. यह ऊपर दिए मत्स्य पाठ से मेल खाता है।
इस गण के गोत्र-पृष्ठ
इस गण में दर्ज नाम (39)
गोत्र-प्रवर ग्रंथों के अनुसार एक गण के गोत्रों में आपस में विवाह वर्जित माना गया है। सूची ग्रंथ में जैसी छपी है, वैसी ही है। नाम के आगे लिखे संकेत बताते हैं कि वह नाम किस ग्रंथ की सूची में है।
- 1अभयजातःम
- 2अभयजाताःका, बो
- 3अभयदाताःबो
- 4अर्कायणाःबो
- 5अवटाःबो, का
- 6आर्कायणाःबो
- 7और्वेयाःम
- 8काण्डरथयःबो
- 9कामलाःबो
- 10कायनिःम
- 11क्रौङ्कायनाःका
- 12क्रौञ्चायनाःबो, का
- 13जमदग्निःम
- 14जामलाःबो
- 15ताम्रायणाःबो
- 16ताग्रायनाःबो
- 17त्रैतायनाःका
- 18नार्वायणाःबो
- 19पुलस्तयःबो
- 20पौलस्त्यःम
- 21पौलस्त्याःका
- 22प्राचीनयोग्याःबो, का
- 23बिदःम
- 24बिदाःबो
- 25भञ्जायनाःका
- 26भवजातःम
- 27भुजायनाःबो
- 28भ्रदत्यः ?का
- 29भ्राजाःका
- 30मारुताःम
- 31मार्कायणाःबो
- 32लामलाःबो
- 33विदाःबो
- 34वेदभृतःका
- 35वैजभृत्म
- 36वैतभृतयःबो
- 37वैतभृताःबो
- 38शाकटायनःम
- 39शैलाःबो
संकेत: आश्व = आश्वलायन · आप = आपस्तम्ब · बो = बौधायन · का = कात्यायन · म = मत्स्य पुराण. "?" = मूल छपाई साफ़ नहीं, नाम की पढ़त अनिश्चित।
भृगु-कुल के अन्य गण
स्रोत
पी. चेन्सल राव (सं.), गोत्रप्रवरनिबन्धकदम्बम् (1900), "प्रवराः, गोत्रगणाश्च", पृष्ठ 215–216 (archive.org leaf 255–256)।
