गण 2 — अजामदग्न्या वत्साः
अजामदग्न्या वत्साः गण भृगु ऋषि-कुल का गण है। आश्वलायन, कात्यायन, मत्स्य पुराण के अनुसार इसका प्रवर है — भार्गव, च्यावन, आप्नवान। इस गण का प्रवर ग्रंथ में इसी एक रूप में मिलता है। ग्रंथ ने इस गण में 0 नाम दर्ज किए हैं।
संक्षेप में
अजामदग्न्या वत्साः गण भृगु ऋषि-कुल का गण है। आश्वलायन, कात्यायन, मत्स्य पुराण के अनुसार इसका प्रवर है — भार्गव, च्यावन, आप्नवान। इस गण का प्रवर ग्रंथ में इसी एक रूप में मिलता है। ग्रंथ ने इस गण में 0 नाम दर्ज किए हैं।
प्रवर
| प्रवर | ऋषि | किस ग्रंथ के अनुसार | |
|---|---|---|---|
| भार्गव · च्यावन · आप्नवान | 3 | आश्वलायन, कात्यायन, मत्स्य पुराण | तालिका का मुख्य |
यह प्रवर आश्वलायन "अजामदग्न्य" वत्सों के लिए, कात्यायन "वात्स्य" के लिए और मत्स्य पुराण "बिद" के लिए बताते हैं. ग्रंथ इस गण में कोई अलग नाम नहीं देता.
इस गण के गोत्र-पृष्ठ
इस गण के नाम
ग्रंथ इस गण में कोई अलग गोत्र-नाम नहीं गिनाता — केवल प्रवर बताता है।
भृगु-कुल के अन्य गण
स्रोत
पी. चेन्सल राव (सं.), गोत्रप्रवरनिबन्धकदम्बम् (1900), "प्रवराः, गोत्रगणाश्च", पृष्ठ 211 (archive.org leaf 253)।
