गण 9 — वत्सपुरोधसौ

वत्सपुरोधसौ गण भृगु ऋषि-कुल का गण है। प्रवरदर्पण (कमलाकर भट्ट) के अनुसार इसका प्रवर है — भार्गव, च्यावन, आप्नवान, वात्स, पौरोधस। सूत्रों में इसके 1 और रूप भी मिलते हैं। ग्रंथ ने इस गण में 0 नाम दर्ज किए हैं।

संक्षेप में

वत्सपुरोधसौ गण भृगु ऋषि-कुल का गण है। प्रवरदर्पण (कमलाकर भट्ट) के अनुसार इसका प्रवर है — भार्गव, च्यावन, आप्नवान, वात्स, पौरोधस। सूत्रों में इसके 1 और रूप भी मिलते हैं। ग्रंथ ने इस गण में 0 नाम दर्ज किए हैं।

प्रवर

प्रवरऋषिकिस ग्रंथ के अनुसार
भार्गव · च्यावन · आप्नवान · वात्स · पौरोधस5प्रवरदर्पण (कमलाकर भट्ट)तालिका का मुख्य
भार्गव · वात्स · पौरोधस3प्रवरदर्पण (कमलाकर भट्ट)विकल्प

इस गण के नाम

ग्रंथ इस गण में कोई अलग गोत्र-नाम नहीं गिनाता — केवल प्रवर बताता है। यह गण किसी सूत्र में नहीं, केवल प्रवरदर्पण (17वीं सदी) में मिलता है।

भृगु-कुल के अन्य गण

स्रोत

पी. चेन्सल राव (सं.), गोत्रप्रवरनिबन्धकदम्बम् (1900), "प्रवराः, गोत्रगणाश्च", पृष्ठ 221 (archive.org leaf 261)।