गण 5 — यस्काः वीतहव्याः
यस्काः वीतहव्याः गण भृगु ऋषि-कुल का गण है। आश्वलायन, आपस्तम्ब, बौधायन, कात्यायन, मत्स्य पुराण के अनुसार इसका प्रवर है — भार्गव, वैतहव्य, सावेदस। इस गण का प्रवर ग्रंथ में इसी एक रूप में मिलता है। ग्रंथ ने इस गण में 122 नाम दर्ज किए हैं।
संक्षेप में
यस्काः वीतहव्याः गण भृगु ऋषि-कुल का गण है। आश्वलायन, आपस्तम्ब, बौधायन, कात्यायन, मत्स्य पुराण के अनुसार इसका प्रवर है — भार्गव, वैतहव्य, सावेदस। इस गण का प्रवर ग्रंथ में इसी एक रूप में मिलता है। ग्रंथ ने इस गण में 122 नाम दर्ज किए हैं।
प्रवर
| प्रवर | ऋषि | किस ग्रंथ के अनुसार | |
|---|---|---|---|
| भार्गव · वैतहव्य · सावेदस | 3 | आश्वलायन, आपस्तम्ब, बौधायन, कात्यायन, मत्स्य पुराण | तालिका का मुख्य |
स्वतंत्र मिलान: The Matsya Puranam, Part 2 (Sacred Books of the Hindus, vol. 17) (1917), अध्याय 195 — “Bhrigu, Vitahavya, Raivasa, Vaivasa”. यह ऊपर दिए पाठ से अलग है।
मत्स्य पुराण के अंग्रेज़ी अनुवाद में तीसरे स्थान पर "रैवस, वैवस" हैं. ग्रंथ की अपनी अशुद्धशोधिनी (p. 44) भी "रैवसवैवसौ" पाठ को "चैव सवेदसः" में सुधारती है — यानी मत्स्य की पाण्डुलिपियों में दोनों पाठ चलते थे.
इस गण के गोत्र-पृष्ठ
इस गण में दर्ज नाम (122)
गोत्र-प्रवर ग्रंथों के अनुसार एक गण के गोत्रों में आपस में विवाह वर्जित माना गया है। सूची ग्रंथ में जैसी छपी है, वैसी ही है। नाम के आगे लिखे संकेत बताते हैं कि वह नाम किस ग्रंथ की सूची में है।
- 1अर्थलेखः ?का
- 2उर्गवित्रयः ?बो
- 3ओडाःबो
- 4औक्थः ?बो
- 5औगवित्रयः ?बो
- 6काश्यपिः ?म
- 7कौटिल्यःम
- 8कौटिल्याःबो
- 9कौशापिःम
- 10कौशाम्बेयःका, म
- 11कौशाम्बेयाःबो
- 12कौशाम्बेयिःम
- 13खलिःम
- 14गार्गेयः ?म
- 15गैरिक्षितःका
- 16गोदायनः ?का
- 17गौरिक्षितःका
- 18गोर्जगः ?म
- 19ग्रामदःम
- 20चण्डमः ?म
- 21चण्डमोदनःम
- 22चलिःम
- 23चित्रसेनाःबो
- 24जाबालिःम
- 25जाल्यः ?बो
- 26जीवन्त्यायनःआश्व
- 27जीवन्त्यायनिःम
- 28जैमिनिःआश्व
- 29जैवतायनःबो
- 30जैवन्त्यायनःका
- 31जैवन्त्यायनिःम
- 32ज्वरिःम
- 33ज्वालिःम
- 34तार्कःम
- 35तिथिःम
- 36त्रसण्डव्याःबो
- 37दमःम
- 38दीर्घवित्तःम
- 39दुर्दिनःबो
- 40दैर्घचित्तःका
- 41दैर्घ्यचितःका
- 42दैवतायनःबो
- 43दैवतायनयःबो
- 44दैवन्तायनःबो
- 45नूपःबो
- 46पञ्चालवःका
- 47पाण्यवक्तः ?का
- 48पिलिःम
- 49पौष्णावक्तः ?का
- 50पौष्ण्यायनःम
- 51पौस्मावरः ?का
- 52प्रवारेयःम
- 53बालपिःम
- 54बालेयिःम
- 55भागन्तयःबो
- 56भागलिःम
- 57भागलेयःबो, का
- 58भागविक्षेयः ?बो, का
- 59भागावित्तिःम
- 60भागिलःम
- 61भागुरिःबो
- 62भागुरुद्धायः ?बो
- 63भाङ्गतिःम
- 64भार्गवारित्वः ?म
- 65भार्गलिःम
- 66भास्करःबो
- 67मञ्जारेयःका
- 68मथिकःम
- 69मदोकिःका
- 70मध्यमेयाःबो
- 71मातलयःबो
- 72मादायनःम
- 73माधवःम
- 74माधुलःका
- 75माधूनःका
- 76माध्यमेयाःबो
- 77मूकःबो
- 78मोदायनःका
- 79मौकःआश्व, आप
- 80मौञ्जःम
- 81मौद्गलःका
- 82मौनःआश्व, आप, बो
- 83मौलिःम
- 84मौसालिपिलिःम
- 85यस्कःआश्व, का, म
- 86यस्काःबो
- 87यास्कःआप
- 88राजिततायिनःबो
- 89राजितापिःबो
- 90रोददिनःबो
- 91वचःम
- 92वधूलःका
- 93वर्षपुष्यःबो
- 94वाकरयःबो
- 95वाकाश्वकयःबो
- 96वाधुलःबो
- 97वाधूलःआश्व, आप, बो, का
- 98वारेयःका
- 99वार्करेलयःबो
- 100वार्कलयःबो
- 101वालेयिःम
- 102वासयःबो
- 103वासोदःम
- 104वाह्निःम
- 105विलेभिःम
- 106वीतहव्यःम
- 107वीतहव्याःआप
- 108वीतिहव्यःम
- 109वृकाश्मकिःका
- 110वृकाश्वकिःका
- 111शार्कराक्षिःआश्व, म
- 112शालङ्कायनःआश्व, म
- 113श्रमदागोपिःम
- 114सत्यकयःबो
- 115समदागोपिः ?म
- 116सात्यकयःबो
- 117सागुष्टिः ?म
- 118सार्ष्टिःआश्व
- 119सावर्णिःआश्व
- 120सौज्वलिःम
- 121सौरिःम
- 122हालेयःम
संकेत: आश्व = आश्वलायन · आप = आपस्तम्ब · बो = बौधायन · का = कात्यायन · म = मत्स्य पुराण. "?" = मूल छपाई साफ़ नहीं, नाम की पढ़त अनिश्चित।
भृगु-कुल के अन्य गण
स्रोत
पी. चेन्सल राव (सं.), गोत्रप्रवरनिबन्धकदम्बम् (1900), "प्रवराः, गोत्रगणाश्च", पृष्ठ 216–218 (archive.org leaf 256–258)।
