सावर्णि गोत्र — परिचय
ग्रंथ की तालिका में "सावर्णिः" नाम दो गणों में है। जामदग्न्य वत्स गण में इसे बौधायन, मत्स्य पुराण और आपस्तम्ब — तीनों दर्ज करते हैं। यस्क-वीतहव्य गण में इसे आश्वलायन दर्ज करते हैं।
इसलिए सावर्णि-गोत्री परिवारों का प्रवर दो तरह का हो सकता है। अपने परिवार का प्रवर घर के बड़ों या कुल-पुरोहित से ज़रूर पूछें।
सावर्णि और "सावर्ण"
आज कई परिवार इस गोत्र को "सावर्ण" या "सावर्ण्य" भी कहते हैं। ग्रंथ में यह नाम "सावर्णि" छपा है।
बंगाल में प्रचलित "साबर्ण" नाम इसी गोत्र से जुड़ा है या नहीं, यह इन ग्रंथों में नहीं लिखा। इसलिए हम इस पर कोई दावा नहीं करते।
प्रवर — गण 1 (जामदग्न्या वत्साः)
| प्रवर | ऋषि | किस ग्रंथ के अनुसार | |
|---|---|---|---|
| भार्गव · च्यावन · आप्नवान · और्व · जामदग्न्य | 5 | आश्वलायन, आपस्तम्ब, बौधायन, कात्यायन, मत्स्य पुराण | तालिका का मुख्य |
| भार्गव · और्व · जामदग्न्य | 3 | आपस्तम्ब | विकल्प |
स्वतंत्र मिलान: The Matsya Puranam, Part 2 (Sacred Books of the Hindus, vol. 17) (1917), अध्याय 195 — “Bhrigu, Chyavana, Apnuvana, Aurva, Jamadagni”. यह ऊपर दिए मत्स्य पाठ से मेल खाता है।
प्रवर — गण 5 (यस्काः वीतहव्याः)
| प्रवर | ऋषि | किस ग्रंथ के अनुसार | |
|---|---|---|---|
| भार्गव · वैतहव्य · सावेदस | 3 | आश्वलायन, आपस्तम्ब, बौधायन, कात्यायन, मत्स्य पुराण | तालिका का मुख्य |
स्वतंत्र मिलान: The Matsya Puranam, Part 2 (Sacred Books of the Hindus, vol. 17) (1917), अध्याय 195 — “Bhrigu, Vitahavya, Raivasa, Vaivasa”. यह ऊपर दिए पाठ से अलग है।
पूजा, संकल्प और विवाह में सावर्णि गोत्र
संस्काररत्नमाला (1899) के प्रयोगों में अपना परिचय इस ढाँचे में दिया जाता है: “अमुकप्रवरान्वितामुकगोत्रोत्पन्नोऽमुकशर्माऽहम्” — पहले प्रवर, फिर गोत्र, फिर नाम। सावर्णि गोत्र वाले परिवार में “अमुक गोत्र” की जगह सावर्णिआता है, और “अमुक प्रवर” की जगह परिवार का प्रवर — ग्रंथ की तालिका में इसका मुख्य रूप भार्गव, च्यावन, आप्नवान, और्व, जामदग्न्य है (आश्वलायन, आपस्तम्ब, बौधायन, कात्यायन, मत्स्य पुराण)। यह नाम ग्रंथ में एक से अधिक गणों में है, इसलिए वही प्रवर लें जो आपका परिवार बोलता है।
ग्रंथ केवल यह ढाँचा देते हैं; प्रवर को वाक्य में जोड़ने का रूप शाखा और परंपरा से बदलता है, इसलिए पूरा संकल्प-वाक्य अपने कुल-पुरोहित से पक्का करें।
