गण 64 — उपमन्यवः

उपमन्यवः गण वसिष्ठ ऋषि-कुल का गण है। आश्वलायन, कात्यायन के अनुसार इसका प्रवर है — वासिष्ठ, आभरद्वसव्य, ऐन्द्रप्रमद। सूत्रों में इसके 1 और रूप भी मिलते हैं। ग्रंथ ने इस गण में 146 नाम दर्ज किए हैं।

संक्षेप में

उपमन्यवः गण वसिष्ठ ऋषि-कुल का गण है। आश्वलायन, कात्यायन के अनुसार इसका प्रवर है — वासिष्ठ, आभरद्वसव्य, ऐन्द्रप्रमद। सूत्रों में इसके 1 और रूप भी मिलते हैं। ग्रंथ ने इस गण में 146 नाम दर्ज किए हैं।

प्रवर

प्रवरऋषिकिस ग्रंथ के अनुसार
वासिष्ठ · आभरद्वसव्य · ऐन्द्रप्रमद3आश्वलायन, कात्यायनतालिका का मुख्य
वासिष्ठ · ऐन्द्रप्रमद · आभरद्वसव्य3बौधायन, मत्स्य पुराणइस ग्रंथ का मुख्य

स्वतंत्र मिलान: The Matsya Puranam, Part 2 (Sacred Books of the Hindus, vol. 17) (1917), अध्याय 200 — “Bharadvasu, Vasishtha, Indrapramada”. यह ऊपर दिए मत्स्य पाठ से मेल खाता है।

इस गण के गोत्र-पृष्ठ

इस गण में दर्ज नाम (146)

गोत्र-प्रवर ग्रंथों के अनुसार एक गण के गोत्रों में आपस में विवाह वर्जित माना गया है। सूची ग्रंथ में जैसी छपी है, वैसी ही है। नाम के आगे लिखे संकेत बताते हैं कि वह नाम किस ग्रंथ की सूची में है।

  1. 1अनुक्षरयःबो
  2. 2आनृक्षराःबो
  3. 3आपःका
  4. 4आलवयःबो
  5. 5आलवायनःबो
  6. 6आलवायनाःका
  7. 7उद्गाहाःम
  8. 8उद्ग्राहाःम
  9. 9उपमन्यवःआश्व
  10. 10उपलपाःम
  11. 11उपलयाःम
  12. 12उहाकाःम
  13. 13औद्वाहमानयःबो
  14. 14औद्वाहयानयःबो
  15. 15औद्वाहमतयःका
  16. 16औपगवाःबो
  17. 17औपमन्यवःम
  18. 18औपमन्यवाःका
  19. 19औपलेखयःका
  20. 20औलपयःका
  21. 21कण्वाःम
  22. 22कपिकेशःबो
  23. 23कपिञ्जलःम
  24. 24कपिञ्जलाःबो, का
  25. 25कशानेयाःबो, का
  26. 26काचाग्नयःबो
  27. 27काण्वाःम
  28. 28कापिञ्जलाःबो
  29. 29कालशिखःम
  30. 30कीलायनःम
  31. 31कुण्डोदरायणाःबो
  32. 32कृष्णःम
  33. 33कोक्षःम
  34. 34कोडोदरायणाःम
  35. 35कोरकृष्णाःम
  36. 36कौमारःम
  37. 37कौमारायणाःका
  38. 38कौरकृत्का
  39. 39कौरव्यःम
  40. 40कौरव्याःका
  41. 41क्रौकिनःम
  42. 42क्रोडोदरायणाःम
  43. 43क्रोधिनःम
  44. 44गोरथःका
  45. 45गोरथाःम
  46. 46गौरथःका
  47. 47गौरथाःम
  48. 48जयःबो
  49. 49जालागतःबो
  50. 50तरायणाःम
  51. 51तरोगणःम
  52. 52तुहागाःम
  53. 53त्रैवणाःका
  54. 54त्रैवर्णाःबो
  55. 55दानायनाःम
  56. 56दावालःका
  57. 57दाशेरकाःका
  58. 58दासकायनाःका
  59. 59दासेरकाःम
  60. 60दासेरकाःका
  61. 61दुहितःका
  62. 62नायकाःम
  63. 63पर्णागारिःबो
  64. 64पर्णागारिःम
  65. 65पादकायनाःका
  66. 66पार्णगारिःका
  67. 67पार्णागारिःका
  68. 68पालकायनःम
  69. 69पालङ्कायनःम
  70. 70पाषागिरिःबो
  71. 71पास्तागिरिःबो
  72. 72प्रलम्बनाःम
  73. 73प्रालम्बायनाःका
  74. 74प्रालम्बायनःका
  75. 75बलायनाःबो
  76. 76बलेक्षवःम
  77. 77बलेखलाःम
  78. 78बाकयःम
  79. 79बालकयःम
  80. 80बालवयःम
  81. 81बालशिखाःबो
  82. 82बाह्यवाक्यःका
  83. 83ब्रह्मबलयःम
  84. 84ब्रह्मबालिनःम
  85. 85ब्राह्मबलयःका
  86. 86भागरिक्थायनाःबो
  87. 87भागवित्तयनाःबो, का
  88. 88भागवित्तायनाःम
  89. 89भागहयःका
  90. 90भागुरायणाःका
  91. 91भागुरिक्थायनाःबो
  92. 92भार्गविःम
  93. 93मण्डलेखयःबो
  94. 94महाकण्वःम
  95. 95महाकर्णःम
  96. 96महाकर्णायनाःबो
  97. 97महाकार्णिःका
  98. 98माण्डलेखयःबो
  99. 99मातेयाःम
  100. 100मायाशरावयःबो
  101. 101मावसरावयःबो
  102. 102माषशरावयःम
  103. 103मोलायःबो
  104. 104रावणःम
  105. 105लक्ष्मणेयाःबो
  106. 106लक्षायनाः ?म
  107. 107लाक्ष्मणेयाःबो
  108. 108लागहयःका
  109. 109लाहविःबो
  110. 110लोकाःबो
  111. 111वलायनाःबो
  112. 112वाकयःम
  113. 113वाकाम्बयःबो
  114. 114वाघ्रयःबो
  115. 115वान्धयःबो
  116. 116वार्कम्बयःबो
  117. 117वालखिल्याःम
  118. 118वालवयःम
  119. 119वालशिखीम
  120. 120वाह्यवाक्यःका
  121. 121वेदशेरकाःम
  122. 122शाकाधियःम
  123. 123शाकहयःम
  124. 124शाकायनाःम
  125. 125शाकाहार्याःम
  126. 126शाकाह्याःम
  127. 127शाङ्काधियःम
  128. 128शार्कर्याःका
  129. 129शावार्यःका
  130. 130शैलालयःम
  131. 131शैलालयःका
  132. 132शौण्डावरयःका
  133. 133शौण्डोदरयःका
  134. 134श्यामवयःम
  135. 135सधायन्यः ?का
  136. 136साङ्ख्यायनाःका, म
  137. 137सामारायणाःका
  138. 138साराक्षराःबो
  139. 139सात्रेपाःका
  140. 140साह्यापत्यःका
  141. 141सिरिःका
  142. 142सुराक्षराःबो
  143. 143सुरायणाःम
  144. 144सुहकाःम
  145. 145सेलालयःम
  146. 146सेविःका

संकेत: आश्व = आश्वलायन · आप = आपस्तम्ब · बो = बौधायन · का = कात्यायन · म = मत्स्य पुराण. "?" = मूल छपाई साफ़ नहीं, नाम की पढ़त अनिश्चित।

वसिष्ठ-कुल के अन्य गण

स्रोत

पी. चेन्सल राव (सं.), गोत्रप्रवरनिबन्धकदम्बम् (1900), "प्रवराः, गोत्रगणाश्च", पृष्ठ 275–278 (archive.org leaf 315–318)।