गण 66 — कुण्डिनाः
कुण्डिनाः गण वसिष्ठ ऋषि-कुल का गण है। आश्वलायन, आपस्तम्ब, बौधायन, कात्यायन, मत्स्य पुराण के अनुसार इसका प्रवर है — वासिष्ठ, मैत्रावरुण, कौण्डिन्य। इस गण का प्रवर ग्रंथ में इसी एक रूप में मिलता है। ग्रंथ ने इस गण में 68 नाम दर्ज किए हैं।
संक्षेप में
कुण्डिनाः गण वसिष्ठ ऋषि-कुल का गण है। आश्वलायन, आपस्तम्ब, बौधायन, कात्यायन, मत्स्य पुराण के अनुसार इसका प्रवर है — वासिष्ठ, मैत्रावरुण, कौण्डिन्य। इस गण का प्रवर ग्रंथ में इसी एक रूप में मिलता है। ग्रंथ ने इस गण में 68 नाम दर्ज किए हैं।
प्रवर
| प्रवर | ऋषि | किस ग्रंथ के अनुसार | |
|---|---|---|---|
| वासिष्ठ · मैत्रावरुण · कौण्डिन्य | 3 | आश्वलायन, आपस्तम्ब, बौधायन, कात्यायन, मत्स्य पुराण | तालिका का मुख्य |
स्वतंत्र मिलान: The Matsya Puranam, Part 2 (Sacred Books of the Hindus, vol. 17) (1917), अध्याय 200 — “Vasishtha, Mitravaruna, Kundina”. यह ऊपर दिए मत्स्य पाठ से मेल खाता है।
इस गण के गोत्र-पृष्ठ
इस गण में दर्ज नाम (68)
गोत्र-प्रवर ग्रंथों के अनुसार एक गण के गोत्रों में आपस में विवाह वर्जित माना गया है। सूची ग्रंथ में जैसी छपी है, वैसी ही है। नाम के आगे लिखे संकेत बताते हैं कि वह नाम किस ग्रंथ की सूची में है।
- 1अक्षतयःका
- 2अश्मरथ्यःबो
- 3अश्वत्थःबो
- 4आवल्ववदरःबो
- 5आविश्ववदरःबो
- 6औपस्वस्थाःका, म
- 7कापटवःबो
- 8कुण्डिनःम
- 9कुण्डिनाःआश्व, आप, बो, का
- 10कौकोल्यःबो
- 11क्रौकोल्यः ?बो
- 12गुग्गुलिः ?बो
- 13जातूकर्णाः ?म
- 14जातूकर्ण्याःका
- 15जादपाः ?म
- 16निम्नुः ?म
- 17नैकर्णयःम
- 18नैभ्रुकाः ?का
- 19नैभ्रुकाः ?का
- 20नैभ्रकायनः ?म
- 21नवग्रामाःबो
- 22पाटलयःका
- 23पादपःम
- 24पालोहाःम
- 25पेटकाःबो
- 26पेठकाःबो
- 27पैप्पलादयःबो
- 28पैप्पलादिःका, म
- 29बाहवःबो
- 30बोधायनाःका
- 31बौधिःका
- 32भाज्यकिःबो
- 33माक्षतयःम
- 34माक्षितयःम
- 35माध्यन्दिनःबो, म
- 36माध्यन्दिनिःबो
- 37मित्रावरुणाःका
- 38मौद्गलाःका
- 39यालोहाःम
- 40लुलायाःका
- 41लोहयःका, म
- 42लोहलाःका, म
- 43लोहायनाःबो
- 44वयःम
- 45वसिष्ठःम
- 46वागुढिनःम
- 47वाहवःबो
- 48विचक्षुपः ?म
- 49विचत्कापिः ?म
- 50वियङ्कपिः ?का
- 51विश्वङ्करः ?का
- 52वैकर्णयःबो
- 53शान्तिःबो
- 54शिवकर्णःम
- 55सामालिनः ?बो
- 56सातमाः ?म
- 57सामङ्गलिः ?बो
- 58सैवलकाःम
- 59सौगूलिःम
- 60सौपक्षिःबो
- 61सौपथिःबो
- 62स्वलोकाःका
- 63स्वलोक्याःका
- 64स्वसुलःका
- 65स्वस्थयःका
- 66स्वस्थलयःम
- 67स्वातिःबो
- 68हिरण्याक्षायणाःबो
संकेत: आश्व = आश्वलायन · आप = आपस्तम्ब · बो = बौधायन · का = कात्यायन · म = मत्स्य पुराण. "?" = मूल छपाई साफ़ नहीं, नाम की पढ़त अनिश्चित।
वसिष्ठ-कुल के अन्य गण
स्रोत
पी. चेन्सल राव (सं.), गोत्रप्रवरनिबन्धकदम्बम् (1900), "प्रवराः, गोत्रगणाश्च", पृष्ठ 280–281 (archive.org leaf 320–321)।
