गण 14 — रहूगणाः शरद्वन्ताः
रहूगणाः शरद्वन्ताः गण गौतम (आङ्गिरस) ऋषि-कुल का गण है। आश्वलायन के अनुसार इसका प्रवर है — आङ्गिरस, राहूगण्य, गौतम। सूत्रों में इसके 1 और रूप भी मिलते हैं। ग्रंथ ने इस गण में 15 नाम दर्ज किए हैं।
संक्षेप में
रहूगणाः शरद्वन्ताः गण गौतम (आङ्गिरस) ऋषि-कुल का गण है। आश्वलायन के अनुसार इसका प्रवर है — आङ्गिरस, राहूगण्य, गौतम। सूत्रों में इसके 1 और रूप भी मिलते हैं। ग्रंथ ने इस गण में 15 नाम दर्ज किए हैं।
प्रवर
| प्रवर | ऋषि | किस ग्रंथ के अनुसार | |
|---|---|---|---|
| आङ्गिरस · राहूगण्य · गौतम | 3 | आश्वलायन | तालिका का मुख्य |
| आङ्गिरस · गौतम · शारद्वत | 3 | बौधायन | इस ग्रंथ का मुख्य |
आश्वलायन यह प्रवर रहूगणों के लिए और बौधायन शरद्वन्तों के लिए देते हैं. ग्रंथ के अनुसार दोनों सूचियों में रहूगण नाम मिलने से इन्हें एक ही गण के विकल्प माना गया है.
इस गण में दर्ज नाम (15)
गोत्र-प्रवर ग्रंथों के अनुसार एक गण के गोत्रों में आपस में विवाह वर्जित माना गया है। सूची ग्रंथ में जैसी छपी है, वैसी ही है। नाम के आगे लिखे संकेत बताते हैं कि वह नाम किस ग्रंथ की सूची में है।
- 1अभिजिताःबो
- 2औपबिन्दवःबो
- 3क्षीरकरम्भाःबो
- 4गणयःबो
- 5प्रभूगणाःआश्व
- 6मार्षण्याःबो
- 7माषण्याःबो
- 8रहूगणाःबो
- 9राणयःबो
- 10राहूगणाःबो
- 11रौहिण्याःबो
- 12शरद्वताःबो
- 13सौमुचयःबो
- 14सौम्यायनाःबो
- 15सौयामुनाःबो
संकेत: आश्व = आश्वलायन · आप = आपस्तम्ब · बो = बौधायन · का = कात्यायन · म = मत्स्य पुराण.
गौतम (आङ्गिरस)-कुल के अन्य गण
स्रोत
पी. चेन्सल राव (सं.), गोत्रप्रवरनिबन्धकदम्बम् (1900), "प्रवराः, गोत्रगणाश्च", पृष्ठ 225–226 (archive.org leaf 265–266)।
