गण 18 — कक्षीवन्तः
कक्षीवन्तः गण गौतम (आङ्गिरस) ऋषि-कुल का गण है। आश्वलायन के अनुसार इसका प्रवर है — आङ्गिरस, औचथ्य, औशिज, गौतम, काक्षीवत। सूत्रों में इसके 3 और रूप भी मिलते हैं। ग्रंथ ने इस गण में 13 नाम दर्ज किए हैं।
संक्षेप में
कक्षीवन्तः गण गौतम (आङ्गिरस) ऋषि-कुल का गण है। आश्वलायन के अनुसार इसका प्रवर है — आङ्गिरस, औचथ्य, औशिज, गौतम, काक्षीवत। सूत्रों में इसके 3 और रूप भी मिलते हैं। ग्रंथ ने इस गण में 13 नाम दर्ज किए हैं।
प्रवर
| प्रवर | ऋषि | किस ग्रंथ के अनुसार | |
|---|---|---|---|
| आङ्गिरस · औचथ्य · औशिज · गौतम · काक्षीवत | 5 | आश्वलायन | तालिका का मुख्य |
| आङ्गिरस · औशिज · गौतम | 3 | आपस्तम्ब | इस ग्रंथ का मुख्य |
| आङ्गिरस · आयास्य · औशिज · गौतम · काक्षीवत | 5 | कात्यायन | इस ग्रंथ का मुख्य |
| आङ्गिरस · औचथ्य · काक्षीवत · गौतम · कौमण्ड | 5 | बौधायन | इस ग्रंथ का मुख्य |
इस गण में दर्ज नाम (13)
गोत्र-प्रवर ग्रंथों के अनुसार एक गण के गोत्रों में आपस में विवाह वर्जित माना गया है। सूची ग्रंथ में जैसी छपी है, वैसी ही है। नाम के आगे लिखे संकेत बताते हैं कि वह नाम किस ग्रंथ की सूची में है।
- 1अञ्जायनाःबो
- 2औशिजाःआप, का
- 3कक्षीवन्तःआश्व
- 4काष्ठरेभयः ?बो
- 5कौमण्डाःबो
- 6मन्धरेषणाः ?बो
- 7मामन्धरेषणाः ?बो
- 8मासुराक्षाःबो
- 9मासुरेषिः ?बो
- 10राजायनाःबो
- 11वाजायनाःबो
- 12वायनःबो
- 13वाशरिः ?बो
संकेत: आश्व = आश्वलायन · आप = आपस्तम्ब · बो = बौधायन · का = कात्यायन · म = मत्स्य पुराण. "?" = मूल छपाई साफ़ नहीं, नाम की पढ़त अनिश्चित।
गौतम (आङ्गिरस)-कुल के अन्य गण
स्रोत
पी. चेन्सल राव (सं.), गोत्रप्रवरनिबन्धकदम्बम् (1900), "प्रवराः, गोत्रगणाश्च", पृष्ठ 227–228 (archive.org leaf 267–268)।
