गण 58 — कश्यपाः

कश्यपाः गण कश्यप ऋषि-कुल का गण है। आश्वलायन के अनुसार इसका प्रवर है — काश्यप, आवत्सार, आसित। इस गण का प्रवर ग्रंथ में इसी एक रूप में मिलता है। ग्रंथ ने इस गण में 1 नाम दर्ज किए हैं।

संक्षेप में

कश्यपाः गण कश्यप ऋषि-कुल का गण है। आश्वलायन के अनुसार इसका प्रवर है — काश्यप, आवत्सार, आसित। इस गण का प्रवर ग्रंथ में इसी एक रूप में मिलता है। ग्रंथ ने इस गण में 1 नाम दर्ज किए हैं।

प्रवर

प्रवरऋषिकिस ग्रंथ के अनुसार
काश्यप · आवत्सार · आसित3आश्वलायनतालिका का मुख्य

इस गण के गोत्र-पृष्ठ

इस गण में दर्ज नाम (1)

गोत्र-प्रवर ग्रंथों के अनुसार एक गण के गोत्रों में आपस में विवाह वर्जित माना गया है। सूची ग्रंथ में जैसी छपी है, वैसी ही है। नाम के आगे लिखे संकेत बताते हैं कि वह नाम किस ग्रंथ की सूची में है।

  1. 1कश्यपाःआश्व

संकेत: आश्व = आश्वलायन · आप = आपस्तम्ब · बो = बौधायन · का = कात्यायन · म = मत्स्य पुराण.

कश्यप-कुल के अन्य गण

स्रोत

पी. चेन्सल राव (सं.), गोत्रप्रवरनिबन्धकदम्बम् (1900), "प्रवराः, गोत्रगणाश्च", पृष्ठ 261 (archive.org leaf 301)।