गण 59 — शण्डिलाः
शण्डिलाः गण कश्यप ऋषि-कुल का गण है। आश्वलायन, कात्यायन के अनुसार इसका प्रवर है — शाण्डिल, आसित, दैवल। सूत्रों में इसके 8 और रूप भी मिलते हैं। ग्रंथ ने इस गण में 121 नाम दर्ज किए हैं।
संक्षेप में
शण्डिलाः गण कश्यप ऋषि-कुल का गण है। आश्वलायन, कात्यायन के अनुसार इसका प्रवर है — शाण्डिल, आसित, दैवल। सूत्रों में इसके 8 और रूप भी मिलते हैं। ग्रंथ ने इस गण में 121 नाम दर्ज किए हैं।
प्रवर
| प्रवर | ऋषि | किस ग्रंथ के अनुसार | |
|---|---|---|---|
| शाण्डिल · आसित · दैवल | 3 | आश्वलायन, कात्यायन | तालिका का मुख्य |
| काश्यप · आसित · दैवल | 3 | आश्वलायन, कात्यायन | विकल्प |
| दैवल · आसित | 2 | आपस्तम्ब | इस ग्रंथ का मुख्य |
| काश्यप · दैवल · आसित | 3 | आपस्तम्ब | विकल्प |
| काश्यप · आवत्सार · आसित | 3 | बौधायन | इस ग्रंथ का मुख्य |
| काश्यप · आवत्सार · शाण्डिल्य | 3 | बौधायन | विकल्प |
| काश्यप · आवत्सार · दैवल | 3 | बौधायन | विकल्प |
| शाण्डिल्य · आसित · दैवल | 3 | बौधायन | विकल्प |
| आसित · दैवल · काश्यप | 3 | मत्स्य पुराण | इस ग्रंथ का मुख्य |
स्वतंत्र मिलान: The Matsya Puranam, Part 2 (Sacred Books of the Hindus, vol. 17) (1917), अध्याय 199 — “Asita, Devala, Kashyapa”. यह ऊपर दिए मत्स्य पाठ से मेल खाता है।
इस गण के गोत्र-पृष्ठ
इस गण में दर्ज नाम (121)
गोत्र-प्रवर ग्रंथों के अनुसार एक गण के गोत्रों में आपस में विवाह वर्जित माना गया है। सूची ग्रंथ में जैसी छपी है, वैसी ही है। नाम के आगे लिखे संकेत बताते हैं कि वह नाम किस ग्रंथ की सूची में है।
- 1उत्तरःका, म
- 2उदमेघःका
- 3उपलोधःका
- 4औदमेघयःबो
- 5औदमेघाःबो
- 6कर्दमःम
- 7कामशयाः ?बो
- 8कारेयःबो
- 9काश्यपःम
- 10कुलहःम
- 11कुहलःका
- 12केवलाःम
- 13केशीलःका
- 14कैरातःम
- 15कोकिलःका
- 16कोपयःबो
- 17कौकण्ठयःबो
- 18कौतुण्डेयःबो
- 19कौरडजाः ?का
- 20कौवलयःका
- 21कौश्रेयःबो
- 22कौलहाःबो
- 23खार्दतीमुखाःबो
- 24खार्दभीमुखाःबो
- 25गर्दभीमुखःका, म
- 26गाङ्गयनाः ?बो
- 27गाङ्गायनाःबो
- 28गोबिलःम
- 29गोभिलाःबो
- 30गोमूत्राःबो
- 31गोविदाःबो
- 32चलुभिःका
- 33चैरनाभःका
- 34जलन्धरःम
- 35जलन्धवःका
- 36जलम्भःका
- 37जाणवंशाःबो
- 38जानन्तारिःबो
- 39जानन्धरिःबो
- 40जलन्धरिःबो
- 41तदपासःम
- 42तृणबिन्दुःका
- 43तौवरिःम
- 44तौवारिपःम
- 45दाणवन्तानिःबो
- 46देवतातपःका
- 47देवजातयःम
- 48धन्वन्तरिःबो
- 49नभःम
- 50निदाघःम
- 51परिवारिःका
- 52पर्याःका
- 53पर्वःम
- 54पर्वकाःबो
- 55पर्वमौञ्जिमःका
- 56पायकाःबो
- 57पायिकाःबो
- 58पावकाःबो
- 59पिप्पलःम
- 60पिप्पलादिःम
- 61पूपरिः ?का
- 62पूर्यःम
- 63पैप्पलःका
- 64पैप्पलादिःम
- 65पैल्यःका
- 66बलिःम
- 67बहुमिण्डःका
- 68बहुमिन्दःका
- 69बहूदरयःबो
- 70बाह्यायनःबो
- 71भत्स्याःम
- 72भागुरिःबो
- 73भार्वमानयःबो
- 74भुजातपूरःम
- 75मसृणःम
- 76महाकैरलियःम
- 77महान्तःम
- 78महोदकयःबो
- 79माहोदकयःबो
- 80मृगकेतुःम
- 81मौञ्जिमःका
- 82मौञ्जायनाःबो
- 83लायुःका
- 84वत्सभातयःबो
- 85वलिःम
- 86वाक्यशठाःबो
- 87वाच्यशुष्माःबो
- 88वात्यषण्डाःबो
- 89वात्सभातयःबो
- 90वारिःका
- 91वाह्यायनाःबो
- 92वृकखण्डःका
- 93वृषखण्डःम
- 94वेदपातयःम
- 95वेदयातयःम
- 96वेदायनाःबो
- 97वैदानवःबो, का, म
- 98वैलायनाःबो
- 99शण्डिलाःआश्व, आप, म, बो
- 100शाखिलःका
- 101शोभनःम
- 102शैष्टिकयःबो
- 103सम्पचःका
- 104सम्पवःका
- 105सम्पातिःम
- 106सम्यातिःम
- 107सादनवाःबो
- 108सावचसःबो
- 109सावर्चसःबो
- 110सुकेतुःका
- 111सुञ्जातमानःम
- 112सुदानुःका
- 113सुवत्स्योगःम
- 114सौदानवःका, म
- 115स्तौक्षिमहाकयः ?बो
- 116स्तैदेहाःबो
- 117हिरण्यबाहुःम
- 118हिरिण्यबाहुःका
- 119हिरिण्यभाहुःबो
- 120हेपुरःका
- 121हैपुरःका
संकेत: आश्व = आश्वलायन · आप = आपस्तम्ब · बो = बौधायन · का = कात्यायन · म = मत्स्य पुराण. "?" = मूल छपाई साफ़ नहीं, नाम की पढ़त अनिश्चित।
कश्यप-कुल के अन्य गण
स्रोत
पी. चेन्सल राव (सं.), गोत्रप्रवरनिबन्धकदम्बम् (1900), "प्रवराः, गोत्रगणाश्च", पृष्ठ 262–264 (archive.org leaf 302–304)।
