गण 41 — औदलाः
औदलाः गण विश्वामित्र ऋषि-कुल का गण है। आश्वलायन, आपस्तम्ब, बौधायन, कात्यायन, मत्स्य पुराण के अनुसार इसका प्रवर है — वैश्वामित्र, दैवरात, औदल। इस गण का प्रवर ग्रंथ में इसी एक रूप में मिलता है। ग्रंथ ने इस गण में 126 नाम दर्ज किए हैं।
संक्षेप में
औदलाः गण विश्वामित्र ऋषि-कुल का गण है। आश्वलायन, आपस्तम्ब, बौधायन, कात्यायन, मत्स्य पुराण के अनुसार इसका प्रवर है — वैश्वामित्र, दैवरात, औदल। इस गण का प्रवर ग्रंथ में इसी एक रूप में मिलता है। ग्रंथ ने इस गण में 126 नाम दर्ज किए हैं।
प्रवर
| प्रवर | ऋषि | किस ग्रंथ के अनुसार | |
|---|---|---|---|
| वैश्वामित्र · दैवरात · औदल | 3 | आश्वलायन, आपस्तम्ब, बौधायन, कात्यायन, मत्स्य पुराण | तालिका का मुख्य |
स्वतंत्र मिलान: The Matsya Puranam, Part 2 (Sacred Books of the Hindus, vol. 17) (1917), अध्याय 198 — “Vishvamitra, Devarata, Uddalaka”. यह ऊपर दिए मत्स्य पाठ से मेल खाता है।
इस गण के गोत्र-पृष्ठ
इस गण में दर्ज नाम (126)
गोत्र-प्रवर ग्रंथों के अनुसार एक गण के गोत्रों में आपस में विवाह वर्जित माना गया है। सूची ग्रंथ में जैसी छपी है, वैसी ही है। नाम के आगे लिखे संकेत बताते हैं कि वह नाम किस ग्रंथ की सूची में है।
- 1अनूतकिःबो
- 2अनूनतन्तवःबो
- 3अपगहनयःका
- 4अभयःम
- 5आनभिम्लाः ?बो
- 6आपघव्यः ?बो
- 7आयतायनःम
- 8आलकिःआप
- 9आलविःबो
- 10आलोप्याःका
- 11आश्वःम
- 12आश्वतापनःम
- 13उत्सरयःबो
- 14उदस्वरिःबो
- 15उदरिः ?बो
- 16उलूकःआप
- 17उलूपाःम
- 18औदलिःबो
- 19औपगवयःम
- 20औपगहयाःम
- 21औपदहनयःबो
- 22औलकिःआप
- 23औलोकिःआप
- 24औलोप्याःम
- 25करीपाःम
- 26कामन्तकिःबो
- 27कारीपिःम
- 28कारीषीम
- 29कार्षिसम्मत्याः ?का
- 30कालःआश्व, आप
- 31कालायनःबो
- 32कुशिकःआश्व
- 33कुशिकाःबो
- 34क्षग्णापः ?का
- 35क्षरपापाःम
- 36क्षरयः ?म
- 37खरवाच्यः ?म
- 38गालवःआश्व, म
- 39गौराःबो
- 40चिकितःआश्व, आप
- 41चिकिताःबो
- 42चित्रन्तवयःबो
- 43चिन्तितःबो
- 44चैत्रेयाःबो
- 45जाबालःका
- 46जाबालयःबो
- 47जाबालाःम
- 48डोलीका
- 49तन्तुः ?आप
- 50तारकायनः ?बो
- 51तार्क्वताः ?बो
- 52तात्वावताः ?बो
- 53देवरातःआप, म
- 54धुवलयः ?बो
- 55पयोदजनाःम
- 56पर्णजङ्घाःबो
- 57पाडलिःम
- 58पादपाःम
- 59पापेदिरयःका
- 60पारक्याःबो
- 61पार्णर्यःका
- 62पार्योदरयःम
- 63पार्षयःम
- 64प्ययः ?का
- 65प्रास्रोदरयःम
- 66बद्धकथः ?बो
- 67बभ्रुःआप
- 68बवःआश्व, आप
- 69बाभ्रव्यःका
- 70बाभ्रव्याःबो, म
- 71बृहदग्निःआप, बो
- 72भलीभावाःम
- 73भाष्टकिःबो
- 74भाष्ठेयाःबो
- 75भोवनिःबो
- 76मनुःआप
- 77मनुतन्तुःआश्व, आप
- 78मनुशब्दान्ताःबो
- 79मयूराःबो
- 80माणिःबो
- 81मान्तवःबो
- 82यज्ञवल्कःआप
- 83यमदूताःबो
- 84यमह्वताःबो
- 85याज्ञवल्क्याःबो, का, म
- 86राघहिः ?बो
- 87लाभकायनाःबो
- 88लामकायनाःबो
- 89लोकाःबो
- 90वतण्डःम
- 91वारक्याःबो
- 92वालकायनःबो
- 93वालकिःआप
- 94वास्तुकौशिकाःम
- 95वितन्तुःबो
- 96विदडाःबो
- 97विश्वामित्रःम
- 98वृकायनःम
- 99वैकृतिःम
- 100शलङ्कुःम
- 101शालङ्कायनःआप
- 102शालङ्कायनाःबो
- 103शालावतःआप
- 104शाविनिःआप
- 105श्यामायनाःम
- 106श्यामेयाःबो
- 107श्वेत्यन्तायनःबो
- 108श्वोवलाःबो
- 109संश्रुतःम
- 110संश्रुत्यःम
- 111संसृतःम
- 112संसृत्यःम
- 113सलङ्कुःम
- 114साङ्कायनाःबो
- 115साधिताःम
- 116सैन्धवायनःका
- 117सैन्धवायनाःम
- 118सौगतयःबो
- 119सौगन्तयःबो
- 120सौमत्याःबो
- 121सौमित्याःबो
- 122सौश्रयःबो
- 123सौश्रुताःका
- 124सौश्रुतिःबो
- 125स्येतन्तायनाःबो
- 126हलयमाःम
संकेत: आश्व = आश्वलायन · आप = आपस्तम्ब · बो = बौधायन · का = कात्यायन · म = मत्स्य पुराण. "?" = मूल छपाई साफ़ नहीं, नाम की पढ़त अनिश्चित।
विश्वामित्र-कुल के अन्य गण
स्रोत
पी. चेन्सल राव (सं.), गोत्रप्रवरनिबन्धकदम्बम् (1900), "प्रवराः, गोत्रगणाश्च", पृष्ठ 252–255 (archive.org leaf 292–295)।
