योग का इतिहास

उपनिषदों से हठ ग्रंथों और अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस तक

संक्षेप में

योग का इतिहास ग्रंथों की एक लंबी धारा है। कठ और श्वेताश्वतर उपनिषद् में योग की परिभाषा और बैठने की विधि मिलती है, गीता में कर्म, ज्ञान और ध्यान का योग, योगसूत्र में आठ अंग, और हठ ग्रंथों में आसन और प्राणायाम का विस्तार। 2014 में संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया।

योग कितना पुराना है?

विद्वानों में मतभेद

इस प्रश्न का ईमानदार उत्तर यह है कि योग के ग्रंथों की तिथियों पर विद्वान एकमत नहीं हैं। उदाहरण के लिए, James Woods योगसूत्र को ईसा की चौथी-पाँचवीं सदी का मानते हैं, पर दूसरे विद्वान अलग मत रखते हैं। इसलिए यहाँ हम ग्रंथों का क्रम दे रहे हैं, और कोई ऐसी तिथि नहीं दे रहे जिसे स्रोत पक्का न करें।

उपनिषदों में योग

ग्रंथ में

कठ उपनिषद् में इंद्रियों की स्थिर धारणा को योग कहा गया है, और यह भी कि योग आता-जाता है।

श्वेताश्वतर उपनिषद् का दूसरा अध्याय योग के अभ्यास का वर्णन करता है। वह ऐसे स्थान में बैठने को कहता है जो समतल, शुद्ध, कंकड़, आग और धूल से रहित हो, जहाँ जल और ध्वनि मन के अनुकूल हों और आँखों को कष्ट न हो।

यही अध्याय योग के पहले फल भी गिनाता है: हल्कापन, आरोग्य, स्थिरता, अच्छा वर्ण, स्वर की मधुरता, अच्छी गंध और मल-मूत्र का कम होना। यह उपनिषद् का कथन है, किसी चिकित्सा शोध का निष्कर्ष नहीं।

योग के ग्रंथों का क्रम

ग्रंथ में

योग के प्रमुख ग्रंथ और उनका योगदान
ग्रंथयोग के बारे में मुख्य बातस्रोत
कठ उपनिषद्इंद्रियों की स्थिर धारणा ही योगउपनिषद् (Max Müller अनु.), कठ उपनिषद्, षष्ठ वल्ली, श्लोक 11
श्वेताश्वतर उपनिषद्बैठने का स्थान और योग के पहले फलउपनिषद् (Max Müller अनु.), श्वेताश्वतर उपनिषद् 2.10–13
भगवद्गीताकर्म, ज्ञान, भक्ति और ध्यान का योगभगवद्गीता (Telang अनु.), 3.3, 6.10–12, अध्याय 12
पतंजलि योगसूत्रचित्त-वृत्ति-निरोध और आठ अंगपतंजलि योगसूत्र, 1.2, 2.29
हठयोग प्रदीपिकाआसन, कुंभक, मुद्रा और नाद, राज योग के लिएहठयोग प्रदीपिका (Sinh अनु.), 1.2, 1.69
योगतत्त्व उपनिषद्मंत्र, लय, हठ और राज, चार भेदयोग उपनिषद् (Adyar, 1920), योगतत्त्व उपनिषद् 19

योग के आदि-वक्ता कौन माने गए?

परंपरा

योगसूत्र का पहला सूत्र स्वयं को "अनुशासन" कहता है, यानी पहले से चली आती विद्या का क्रम। टीकाकार वाचस्पति मिश्र योगि-याज्ञवल्क्य स्मृति का वचन देते हैं कि योग के पहले वक्ता हिरण्यगर्भ हैं। इस परंपरा पर हमारा विस्तृत लेख ऋषि-खंड में है।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कब और कैसे शुरू हुआ?

आधुनिक अभ्यास

आयुष मंत्रालय की पुस्तिका के अनुसार भारत के प्रधानमंत्री ने 27 सितंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 69वें सत्र में यह प्रस्ताव रखा। 11 दिसंबर 2014 को 193 सदस्यों वाली महासभा ने इसे सर्वसम्मति से स्वीकार किया, और 177 देश इसके सह-प्रस्तावक बने। तब से 21 जून अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस है।

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योग का इतिहास — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न