योग कितना पुराना है?
विद्वानों में मतभेद
इस प्रश्न का ईमानदार उत्तर यह है कि योग के ग्रंथों की तिथियों पर विद्वान एकमत नहीं हैं। उदाहरण के लिए, James Woods योगसूत्र को ईसा की चौथी-पाँचवीं सदी का मानते हैं, पर दूसरे विद्वान अलग मत रखते हैं। इसलिए यहाँ हम ग्रंथों का क्रम दे रहे हैं, और कोई ऐसी तिथि नहीं दे रहे जिसे स्रोत पक्का न करें।
उपनिषदों में योग
ग्रंथ में
कठ उपनिषद् में इंद्रियों की स्थिर धारणा को योग कहा गया है, और यह भी कि योग आता-जाता है।
श्वेताश्वतर उपनिषद् का दूसरा अध्याय योग के अभ्यास का वर्णन करता है। वह ऐसे स्थान में बैठने को कहता है जो समतल, शुद्ध, कंकड़, आग और धूल से रहित हो, जहाँ जल और ध्वनि मन के अनुकूल हों और आँखों को कष्ट न हो।
यही अध्याय योग के पहले फल भी गिनाता है: हल्कापन, आरोग्य, स्थिरता, अच्छा वर्ण, स्वर की मधुरता, अच्छी गंध और मल-मूत्र का कम होना। यह उपनिषद् का कथन है, किसी चिकित्सा शोध का निष्कर्ष नहीं।
योग के ग्रंथों का क्रम
ग्रंथ में
| ग्रंथ | योग के बारे में मुख्य बात | स्रोत |
|---|---|---|
| कठ उपनिषद् | इंद्रियों की स्थिर धारणा ही योग | उपनिषद् (Max Müller अनु.), कठ उपनिषद्, षष्ठ वल्ली, श्लोक 11 |
| श्वेताश्वतर उपनिषद् | बैठने का स्थान और योग के पहले फल | उपनिषद् (Max Müller अनु.), श्वेताश्वतर उपनिषद् 2.10–13 |
| भगवद्गीता | कर्म, ज्ञान, भक्ति और ध्यान का योग | भगवद्गीता (Telang अनु.), 3.3, 6.10–12, अध्याय 12 |
| पतंजलि योगसूत्र | चित्त-वृत्ति-निरोध और आठ अंग | पतंजलि योगसूत्र, 1.2, 2.29 |
| हठयोग प्रदीपिका | आसन, कुंभक, मुद्रा और नाद, राज योग के लिए | हठयोग प्रदीपिका (Sinh अनु.), 1.2, 1.69 |
| योगतत्त्व उपनिषद् | मंत्र, लय, हठ और राज, चार भेद | योग उपनिषद् (Adyar, 1920), योगतत्त्व उपनिषद् 19 |
योग के आदि-वक्ता कौन माने गए?
परंपरा
योगसूत्र का पहला सूत्र स्वयं को "अनुशासन" कहता है, यानी पहले से चली आती विद्या का क्रम। टीकाकार वाचस्पति मिश्र योगि-याज्ञवल्क्य स्मृति का वचन देते हैं कि योग के पहले वक्ता हिरण्यगर्भ हैं। इस परंपरा पर हमारा विस्तृत लेख ऋषि-खंड में है।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कब और कैसे शुरू हुआ?
आधुनिक अभ्यास
आयुष मंत्रालय की पुस्तिका के अनुसार भारत के प्रधानमंत्री ने 27 सितंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 69वें सत्र में यह प्रस्ताव रखा। 11 दिसंबर 2014 को 193 सदस्यों वाली महासभा ने इसे सर्वसम्मति से स्वीकार किया, और 177 देश इसके सह-प्रस्तावक बने। तब से 21 जून अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस है।
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- पतंजलि योगसूत्र — चार पाद, 195 सूत्र: मूल संस्कृत पाठ और सरल अर्थ
- हठयोग प्रदीपिका — स्वात्माराम का ग्रंथ: आसन, प्राणायाम, मुद्रा और समाधि
- योग-सूत्र: मन को थामने की विद्या — हिरण्यगर्भ और कपिल की परंपरा
