ॐ राधारमणाय नमः

oṃ rādhāramaṇāya namaḥ

Radharaman Mantra (Om Radharamanaya Namah)

समय
30 सेकंड
जप संख्या
108
कठिनाई
सरल
शुभ दिन
बुधवार, एकादशी व राधाष्टमी
उद्देश्य:प्रेम व दांपत्य (Love)भक्ति (Devotion)मन की शांति (Peace)
✓ संपूर्ण नाम जाप

ॐ राधारमणाय नमः का अर्थ है “राधा के रमण कृष्ण को नमस्कार”। श्री गोपाल सहस्रनाम में “राधारमणसुन्दरः” (नाम 446) मिलता है। वृंदावन का श्री राधारमण मंदिर इसकी प्रसिद्ध पीठ है। परंपरा में इसे युगल उपासना व दांपत्य-सामंजस्य से जोड़ा जाता है।

परिचय

श्री कृष्ण भगवान विष्णु के पूर्णावतार हैं — प्रेम, लीला और गीता-ज्ञान के दाता।

स्रोत: श्री गोपाल सहस्रनाम — "राधारमणसुन्दरः" (446); वृंदावन राधारमण परंपरा

एक नज़र में

मंत्र / पाठॐ राधारमणाय नमः
IASToṃ rādhāramaṇāya namaḥ
प्रकारनाम जाप
देवताश्री कृष्ण
मूल स्रोतश्री गोपाल सहस्रनाम — "राधारमणसुन्दरः" (446); वृंदावन राधारमण परंपरा
जप संख्या108
मालातुलसी माला
शुभ दिनबुधवार, एकादशी व राधाष्टमी
पाठ समय30 सेकंड
कठिनाईसरल

उद्भव / पृष्ठभूमि

राधारमण अर्थात् "राधा के रमण" — जो राधा के साथ रमण करते हैं, जो राधा को आनंदित करते हैं। भक्ति-परंपरा में कृष्ण को अकेले नहीं, राधा के साथ स्मरण करना ही पूर्ण उपासना मानी जाती है, क्योंकि राधा को कृष्ण की आह्लादिनी शक्ति कहा गया है — वह शक्ति जिससे स्वयं आनंद-स्वरूप भी आनंद पाते हैं।

इस नाम की प्रसिद्ध पीठ वृंदावन का श्री राधारमण मंदिर है, जिसकी स्थापना गोपाल भट्ट गोस्वामी से जुड़ी बताई जाती है। वहाँ का विग्रह शालिग्राम शिला से स्वयं प्रकट हुआ माना जाता है, और वह वृंदावन के उन कुछ मंदिरों में है जहाँ मूल विग्रह आज भी विराजमान है। ध्यान देने योग्य है कि "राधारमणाय" यह ठीक रूप अष्टोत्तर शतनामावली में नहीं आता; गोपाल सहस्रनाम में "राधारमणसुन्दरः" रूप मिलता है।

मंत्र

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ॐ राधारमणाय नमः॥

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उच्चारण (Pronunciation)

ॐ राधारमणाय नमः॥

oṃ rādhāramaṇāya namaḥ ||

Om Radharamanaya Namah.

उच्चारण मार्गदर्शन: "रा" और "धा" दोनों दीर्घ हैं। "रमण" में "ण" मूर्धन्य है — इसे "रमन" न बोलें। पूरा रूप "रा-धा-र-म-णाय न-मः"; अंत "णाय" दीर्घ। स्वर कोमल व प्रेमपूर्ण रखें।

शब्द-अर्थ (Word-by-Word)

ॐप्रणव — परब्रह्म का प्रतीक
राधाश्री राधा — कृष्ण की आह्लादिनी शक्ति
रमणरमण करने वाला; आनंदित करने वाला
राधारमणायराधा के रमण (कृष्ण) को
नमःनमस्कार, समर्पण

अर्थ (हिन्दी)

  1. राधारमण को नमस्कार। जो श्री राधा के रमण हैं और जिनका आनंद राधा से अभिन्न है — उन श्रीकृष्ण को मैं प्रणाम करता हूँ।

लाभ

  • परंपरा में इसे दांपत्य-प्रेम व सामंजस्य से जोड़ा जाता है।
  • युगल उपासना — राधा-कृष्ण का साथ स्मरण — का प्रमुख नाम माना जाता है।
  • मन में प्रेम व माधुर्य-भाव जगने की मान्यता है।
  • राधाष्टमी व वृंदावन उपासना में इसका जप विशेष है।

अनुशंसित जप संख्या

जप संख्या: प्रतिदिन 108 बार (एक माला)।

माला: तुलसी माला

उत्तम समय: प्रातः व संध्या

जप का उत्तम समय

राधाष्टमी परबुधवार व एकादशी कोजन्माष्टमी व शरद पूर्णिमा परदांपत्य-कल्याण के संकल्प के साथ

जप विधि (चैंटिंग मेथड)

राधा-कृष्ण की युगल प्रतिमा या चित्र के समक्ष दीपक जलाकर तुलसी माला से 108 बार जप करें। परंपरा में इस मंत्र का जप दोनों का साथ स्मरण करते हुए किया जाता है, केवल कृष्ण का नहीं। दंपती द्वारा साथ बैठकर जप करने की परंपरा भी बताई जाती है।

प्रामाणिकता व स्रोत

स्थिति✓ संपूर्ण
स्रोत परंपराश्री गोपाल सहस्रनाम — नाम 446 "राधारमणसुन्दरः" · श्री राधारमण मंदिर, वृंदावन — उपासना परंपरा · नोट: ठीक "राधारमणाय" रूप अष्टोत्तर शतनामावली में नहीं मिला
अंतिम अद्यतनजून 2026

देव परिचय

श्री कृष्ण

Lord Krishna

श्री कृष्ण भगवान विष्णु के पूर्णावतार हैं — प्रेम, लीला और गीता-ज्ञान के दाता।

देवता वर्गप्रेम · धर्म · भक्ति · ज्ञान
मुख्य मंत्रॐ क्लीं कृष्णाय नमः
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ॐ राधारमणाय नमः — सामान्य प्रश्न

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