सरयूपारीण (सरवरिया) ब्राह्मण — 16 गोत्र और उपाधियाँ

Sherring (1872) के अनुसार सरयूपारीण (सरवरिया) ब्राह्मणों के 16 गोत्र — पहली श्रेणी के गर्ग, गौतम, शांडिल और दूसरी श्रेणी के 13 — और गोत्र-वार उपाधियाँ व कुल: पांडे, दुबे, मिश्र, तिवारी।

संक्षेप में

Sherring (1872) के अनुसार सरयूपारीण (सरवरिया) ब्राह्मण सोलह गोत्र मानते हैं — तीन पहली श्रेणी के (गर्ग, गौतम और शांडिल), जिनके ब्राह्मण शेष गोत्रों की तुलना में कुलीन माने जाते हैं, और तेरह दूसरी श्रेणी के। उपाधियाँ गोत्र से अलग हैं: उनकी तालिका में पांडे छह गोत्रों में, दुबे तीन में और मिश्र तीन में दर्ज हैं।

16 गोत्र (p. 30)

ग्रंथ की टिप्पणी: कुछ लोग काश्यप (Kâsyap) को कश्यप (Kasyap) से अलग गोत्र मानते हैं — "काश्यप कश्यप के पुत्र थे" (p. 30)। Sherring यह भी लिखते हैं कि दूसरी श्रेणी के तेरह गोत्रों की सूची कुछ-कुछ बदलती रहती है, पर अधिकतर नाम हर सूची में मिलते हैं।

श्रेणीगोत्र
पहली (कुलीन)गर्ग, गौतम, शांडिल
दूसरीभारद्वाज, वसिष्ठ, वत्स, कश्यप (Kasyap), काश्यप (Kâsyap), कौशिक, चान्द्रायण (Chandrâyan), सावर्ण्य (Sâvaranya), पराशर, पुलस्त्य (Pulasta), भृगु (Vrigu), अत्रि, अंगिरा

गोत्र, उपाधि और कुल (pp. 30–31)

Sherring हर गोत्र के सब कुल नहीं देते — "कुछ गोत्रों के एक या अधिक" कुल ही देते हैं। कुल के नाम ग्रंथ की वर्तनी में हैं:

गोत्रउपाधिकुल
गर्गपांडेItiya
गौतमदुबेKanchaniya
शांडिलपांडेTriphala
शांडिलतिवारीPindi
भारद्वाजदुबेBrihadgram
वत्समिश्रPaiyasi
वत्सदुबेSamadari
कश्यप (Kasyap)मिश्रRarhi
काश्यप (Kâsyap)पांडेMala
कौशिकमिश्रDharmpura
चान्द्रायणपांडेChapala
सावर्ण्यपांडेItari, Jurwa
पराशरपांडेLohandi, Bampura, Biroura, Silasam Dhamouli

जिन कुलों का गोत्र ग्रंथ में नहीं

Sherring इसके बाद और कुलों की एक लंबी सूची देते हैं — पांडे, शुक्ल, चौबे, तिवारी आदि उपाधियों के साथ — पर लिखते हैं कि उनके गोत्र उन्हें ज्ञात नहीं (pp. 31–32)। इसलिए हमने इन्हें किसी गोत्र से नहीं जोड़ा।

नाम के बारे में: Sherring के अनुसार "सरवरिया" शब्द "सरजूपारिया" (सरयू-पार वाले) का बिगड़ा रूप है (p. 29)।

यह 1872 का ऐतिहासिक अभिलेख है — लेखक ने बनारस में मिली जानकारी दर्ज की, और स्वयं कहते हैं कि सूचियाँ पूरी नहीं। उपाधि (title) गोत्र नहीं: एक उपाधि कई गोत्रों में मिलती है। अपना गोत्र परिवार और कुल-पुरोहित से पक्का करें।

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स्रोत

सरयूपारीण (सरवरिया) ब्राह्मण — गोत्र और उपाधियाँ — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न