बकासन

Bakasana (Crane Posture): हाथों पर संतुलन, बगुले जैसी आकृति

संक्षेप में

बकासन हाथों पर संतुलन का आसन है, जिसमें बैठकर हथेलियाँ ज़मीन पर रखी जाती हैं, घुटने ऊपरी बाँहों पर टिकाए जाते हैं, और पैर ज़मीन से ऊपर उठाए जाते हैं। बक का अर्थ बगुला है। NCERT के अनुसार उच्च रक्तचाप, हृदय रोग या सेरेब्रल थ्रोम्बोसिस में यह आसन नहीं करना चाहिए।

हठयोग प्रदीपिका, घेरंड और शिव संहिता में नहीं मिला

बकासन: दोनों हथेलियाँ ज़मीन पर, कोहनियाँ हल्की मुड़ीं, घुटने ऊपरी बाँहों से टिके, दोनों पैर ज़मीन से ऊपर, नज़र सामने

एक नज़र में

संस्कृत नाम
बकासन
अंग्रेज़ी नाम
Crane Posture
प्रकार
हाथों पर संतुलन
समय
5 से 10 सेकंड (NCERT)
किन्हें नहीं
उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, सेरेब्रल थ्रोम्बोसिस

बकासन का नाम कैसे पड़ा?

बक संस्कृत शब्द है, जिसका अर्थ बगुला (crane) है। NCERT की पुस्तक के अनुसार इस आसन की अंतिम स्थिति बगुले जैसी दिखती है, इसलिए यह नाम है।

बकासन करने की विधि

आधुनिक अभ्यास

विधि NCERT की "Yoga: A Healthy Way of Living" (Secondary Stage) के अनुसार है, अपने शब्दों में।

  1. ज़मीन पर उकड़ूँ बैठिए।
  2. हथेलियाँ पैरों के सामने ज़मीन पर समतल रखिए, उँगलियाँ आगे की ओर, और कोहनियाँ हल्की मुड़ी हुई।
  3. बाँहों पर दबाव डालते हुए, घुटने मोड़े रखकर पैर ज़मीन से ऊपर उठाइए। आगे झुककर घुटनों को ऐसे टिकाइए कि वे बगल के पास ऊपरी बाँहों को छुएँ।
  4. हाथ ज़मीन पर रखते हुए शरीर को ऊपर टिकाए रखिए, 5 से 10 सेकंड।
  5. लौटते समय धीरे-धीरे पैर ज़मीन पर लाइए और उकड़ूँ बैठने की स्थिति में आइए।

बकासन के लाभ

आधुनिक अभ्यास

NCERT की पुस्तक के अनुसार यह आसन बाँहों और कंधों की ताक़त और संतुलन की भावना बढ़ाता है, और पेट की मांसपेशियों को सुदृढ़ करता है।

बकासन में क्या सावधानी रखें?

किन्हें यह नहीं करना चाहिए

उच्च रक्तचाप, हृदय रोग या सेरेब्रल थ्रोम्बोसिस (मस्तिष्क में रक्त का थक्का) हो तो यह आसन न कीजिए।

शुरुआती लोग बकासन कैसे करें?

आधुनिक अभ्यास

NCERT शरीर को संतुलित करने में जल्दबाज़ी न करने को कहती है। शुरुआत में कुछ ही सेकंड रुकिए, और गिरने से बचने के लिए सामने नरम गद्दी या कंबल रखना हमारी सलाह है।

बकासन की आम ग़लतियाँ

आधुनिक अभ्यास

  • उँगलियाँ सिकोड़ना: उँगलियाँ अच्छी तरह फैलाइए, और शरीर का भार हाथों पर रखिए।
  • नीचे देखना: अंतिम स्थिति में छाती आगे और नज़र सामने रखिए।
  • कोहनियों पर ज़ोर: उठे हुए पैरों से कोहनियों पर दबाव न डालिए, और शरीर उठाते समय पेट की मांसपेशियों को सिकोड़िए।

क्या बकासन पुराने ग्रंथों में है?

हठयोग प्रदीपिका, घेरंड संहिता और शिव संहिता की आसन-सूचियों में बकासन का नाम नहीं मिला। इसकी विधि का हमारा स्रोत NCERT की योग पुस्तक है।

आगे पढ़ें

  • मयूरासन — Mayurasana (Peacock Posture): हाथों पर पूरा शरीर, केवल प्रशिक्षक की देखरेख में
  • उत्कटासन — Utkatasana: पंजों पर बैठना, जैसा घेरंड संहिता और Sivananda बताते हैं
  • योगासन — आसनों की विधि, सावधानियाँ, और पुराने ग्रंथों में उनका स्थान

बकासन — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न