FAQ
बहुला शक्ति पीठ — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पीठनिर्णय के अनुसार यहाँ वाम बाहु — बाईं भुजा — गिरी। यहाँ की शक्ति बहुला और भैरव भीरुक कहलाते हैं। प्रचलित परंपरा भी ठीक यही कहती है, इसलिए इस पीठ पर कोई मतभेद नहीं है।
बहुला का अर्थ है प्रचुर, भरा-पूरा, जिसमें कमी न हो। यहाँ स्थान, देवी और मंदिर तीनों का नाम बहुला ही है।
पश्चिम बंगाल के पूर्व बर्दवान ज़िले में, कटवा के पास केतुग्राम में। विद्वान डी. सी. सरकार की अनुक्रमणिका भी यही स्थान बताती है।
पीठनिर्णय की प्रतियों में दोनों नाम मिलते हैं। इस संग्रह में भीरुक को मुख्य रखा गया है और तीव्रक को पाठभेद के रूप में दर्ज किया गया है।
इस मंदिर का कोई आधिकारिक स्रोत नहीं मिला जिससे दर्शन समय सत्यापित किए जा सकें, और बिना पुष्टि के समय छापना इस संग्रह के नियम के विरुद्ध है।
