FAQ
करतोयातट शक्ति पीठ — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पीठनिर्णय के अनुसार यहाँ वाम-कर्ण — बायाँ कान — गिरा। यहाँ की शक्ति अपर्णा और भैरव वामेश कहलाते हैं। अंग पर कुछ पाठभेद भी मिलते हैं, जैसे तल्प और गुल्फ।
अपर्णा का अर्थ है जिसने पर्ण, यानी पत्ते भी छोड़ दिए। परंपरा में यह नाम पार्वती की उस तपस्या से जुड़ा है जब उन्होंने पहले अन्न छोड़ा, फिर फल, और अंत में वे सूखे पत्ते भी खाना बंद कर दिए जो तपस्वियों का अंतिम आहार माने जाते थे।
बांग्लादेश के बोगरा ज़िले में, करतोया नदी के तट पर भवानीपुर में। विद्वान डी. सी. सरकार की अनुक्रमणिका भी यही स्थान बताती है और इस पर कोई मतभेद नहीं है।
करतोयातट का अर्थ ही है करतोया नदी का तट। इक्यावन में अधिकांश पीठों के नाम देवी या नगर से बने हैं; यहाँ नदी ही पहचान बन गई, जो असामान्य है।
यह पीठ भारत के बाहर है और इसका कोई आधिकारिक स्रोत नहीं मिला जिससे जानकारी सत्यापित की जा सके। बिना पुष्टि के ऐसी जानकारी छापना इस संग्रह के नियम के विरुद्ध है।
