FAQ
कीरीट शक्ति पीठ — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पीठनिर्णय के अनुसार यहाँ किरीट — मुकुट — गिरा। यह उन स्थानों में है जहाँ देह का अंग नहीं, आभूषण गिरा माना जाता है। स्थान का नाम भी उसी मुकुट से पड़ा।
पीठनिर्णय के अनुसार देवी भुवनेशी और भैरव संवर्त। कुछ प्रतियों में देवी का नाम विमला और भैरव का सिद्धिरूप भी मिलता है, और शिवचरित भैरव को कीरीटिन् कहता है। आज प्रचलित नाम कीरीटेश्वरी है।
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद ज़िले में, लालबाग़ के पास वटनगर में। विद्वान डी. सी. सरकार की अनुक्रमणिका भी यही स्थान बताती है।
हाँ। नंदिपुर में हार, लंका में नूपुर और मणिकर्णिका में कुण्डल गिरा माना जाता है। परंपरा ने देह के अंग और देह से जुड़ी वस्तु में भेद नहीं रखा।
इस मंदिर का कोई आधिकारिक स्रोत नहीं मिला जिससे दर्शन समय सत्यापित किए जा सकें, और बिना पुष्टि के समय छापना इस संग्रह के नियम के विरुद्ध है।
