FAQ
नंदिपुर शक्ति पीठ — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पीठनिर्णय के अनुसार यहाँ हार — गले का आभूषण — गिरा। यह उन स्थानों में है जहाँ जो गिरा वह शरीर का अंग नहीं, देह पर पहनी गई वस्तु थी। यहाँ की शक्ति नंदिनी और भैरव नंदिकेश्वर कहलाते हैं।
हाँ। लंका में नूपुर, मणिकर्णिका में कुण्डल और कीरीट में मुकुट गिरा माना जाता है। परंपरा ने यह भेद नहीं रखा कि देह का हिस्सा गिरा या देह से जुड़ी वस्तु — दोनों को समान रूप से पवित्र माना गया।
पश्चिम बंगाल के बीरभूम ज़िले में, सैंथिया के निकट। विद्वान डी. सी. सरकार की अनुक्रमणिका भी यही स्थान बताती है और इस पर कोई मतभेद नहीं है।
हाँ, तीनों "नंद" से बने हैं जिसका अर्थ है आनंद। स्थान, देवी और भैरव तीनों के नाम एक ही मूल से आते हैं।
इस मंदिर का कोई आधिकारिक स्रोत नहीं मिला जिससे दर्शन समय सत्यापित किए जा सकें, और बिना पुष्टि के समय छापना इस संग्रह के नियम के विरुद्ध है।
