FAQ
प्रभास शक्ति पीठ — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पीठनिर्णय के अनुसार यहाँ उदर — पेट — गिरा। यहाँ की शक्ति चंद्रभागा और भैरव वक्रतुण्ड कहलाते हैं। कुछ प्रतियों में अंग अधर भी लिखा मिलता है।
हाँ। विद्वान डी. सी. सरकार इस पीठ को स्पष्ट रूप से सोमनाथ के क्षेत्र में रखते हैं। यह उन थोड़े स्थानों में है जहाँ द्वादश ज्योतिर्लिंग और इक्यावन शक्ति पीठ दोनों सूचियाँ एक ही भूमि पर आती हैं — श्रीशैलम् के बाद दूसरा ऐसा स्थान।
प्रभास का अर्थ है वह स्थान जहाँ खोई हुई कांति लौट आती है। यह नाम चंद्रदेव की कथा से जुड़ा है — दक्ष के शाप से उनका तेज क्षीण होने लगा था और वे इसी भूमि पर तप करने आए थे।
यह नाम चंद्रमा से जुड़ा है, और उसी भूमि पर है जहाँ चंद्रदेव की कथा चलती है। सोमनाथ का नाम भी सोम यानी चंद्रमा से ही बना है। दो अलग परंपराएँ, एक ही भूमि, और दोनों में चंद्रमा।
इस शक्ति पीठ का कोई अलग आधिकारिक स्रोत नहीं मिला जिससे समय सत्यापित किए जा सकें। सोमनाथ मंदिर की सत्यापित जानकारी इसी संग्रह के ज्योतिर्लिंग पृष्ठ पर उपलब्ध है।
