FAQ
नर्मदा शक्ति पीठ — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पीठनिर्णय के अनुसार यहाँ नितम्ब गिरा। यहाँ की शक्ति शोणा और भैरव भद्रसेन कहलाते हैं; कुछ प्रतियों में देवी का नाम शिवानी भी मिलता है।
इस पर मतभेद है। विद्वान डी. सी. सरकार इस प्रविष्टि को "शोण" नाम से रखते हैं और उसे सोन नदी बताते हैं, जो पटना के पास गंगा से मिलती है; "नर्मदा" उनके यहाँ एक पाठभेद है। प्रचलित सूचियाँ इसके उलट अमरकंटक की ओर जाती हैं, जहाँ से नर्मदा निकलती है।
सोन और नर्मदा — दोनों का उद्गम अमरकंटक के एक ही क्षेत्र से माना जाता है। सरकार स्वयं अपनी अमरकंटक प्रविष्टि में यही लिखते हैं। दो नदियाँ एक पहाड़ से निकलकर विपरीत दिशाओं में चली जाती हैं, और जिस पीठ का नाम इनसे जुड़ा हो उसका दो जगह बँट जाना स्वाभाविक है।
हाँ, कालमाधव पीठ पर भी यही अंग दर्ज है। यह उन थोड़े अंगों में है जो इस सूची में दो जगह मिलते हैं।
जब यही निश्चित नहीं कि यह पीठ किस नदी से जुड़ा है, तब किसी एक स्थान की जानकारी छापना पाठक को भ्रमित करना होगा।
