FAQ
श्रीहट्ट शक्ति पीठ — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पीठनिर्णय के अनुसार यहाँ ग्रीवा — गला — गिरी। यहाँ की शक्ति महालक्ष्मी और भैरव संवरानंद कहलाते हैं। भैरव के लिए समरानंद और सर्वानंद नाम भी मिलते हैं।
श्रीहट्ट आज का सिलहट है, जो बांग्लादेश में पड़ता है। विद्वान डी. सी. सरकार की अनुक्रमणिका इसे स्पष्ट रूप से सिलहट बताती है।
नाम का, स्थान का नहीं — और यही उलझन का कारण है। पीठनिर्णय की कुछ प्रतियों में इस पीठ का नाम "श्रीशैल" भी लिखा मिलता है, और उसी नाम से प्रचलित परंपरा आंध्र के श्रीशैलम् को जानती है। दोनों के बीच की दूरी हज़ार किलोमीटर से अधिक है।
अंग और देवी के नाम मिलाकर देखने से। प्रचलित परंपरा श्रीशैलम् पर ग्रीवा और महालक्ष्मी बताती है — पर पीठनिर्णय में आंध्र वाला स्थान श्रीपर्वत नाम से आता है, जहाँ अंग दक्षिण-कर्ण और देवी सुंदरी हैं। ग्रीवा और महालक्ष्मी इसी पीठ की हैं, यानी सिलहट की।
यह पीठ भारत के बाहर है और इसका कोई आधिकारिक स्रोत नहीं मिला जिससे जानकारी सत्यापित की जा सके। बिना पुष्टि के ऐसी जानकारी छापना इस संग्रह के नियम के विरुद्ध है।
