FAQ
गंडकी शक्ति पीठ — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पीठनिर्णय के अनुसार यहाँ गण्ड — कपोल, यानी गाल — गिरा। यहाँ की शक्ति गंडकी और भैरव चक्रपाणि कहलाते हैं। कुछ प्रतियों में देवी का नाम चण्डी भी मिलता है।
यह तय नहीं है। विद्वान डी. सी. सरकार इसके लिए कोई मंदिर या गाँव नहीं बताते — वे केवल इतना लिखते हैं कि गंडकी गंगा की सहायक नदी है और बख़्तियारपुर के पास उससे मिलती है। यह नदी का भूगोल है, पीठ का पता नहीं।
प्रचलित सूचियाँ ऐसा कहती हैं, और मुक्तिनाथ गंडकी की ऊपरी धारा पर है। पर वहाँ अंग शीश बताया जाता है, जबकि पीठनिर्णय गण्ड यानी कपोल कहता है। यह अंतर छोटा नहीं है, इसलिए यहाँ इसे निश्चित नहीं माना गया।
यही इस पीठ की मुख्य कठिनाई है। गंडकी नेपाल के हिमालय से निकलकर बिहार के मैदानों तक बहती है — सैकड़ों किलोमीटर। "गंडकी" कहने से यह तय नहीं होता कि पीठ उस धारा के किस बिंदु पर है।
जब स्थान ही निश्चित नहीं, तब किसी एक मंदिर के दर्शन समय छाप देना पाठक को भ्रमित करना होगा।
