FAQ
वृंदावन शक्ति पीठ — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पीठनिर्णय के अनुसार यहाँ केश — बाल — गिरे। यहाँ की शक्ति उमा और भैरव भूतेश कहलाते हैं। कुछ प्रतियों में देवी कात्यायनी और भैरव कृष्णनाथ भी लिखे मिलते हैं।
हाँ। विद्वान डी. सी. सरकार लिखते हैं कि पीठनिर्णय की प्रतियों में दो पाठ मिलते हैं — "केशजाल" और "वृंदावन" — और यह नाम संभवतः किसी पाठ-दोष से बना है। यानी यह निश्चित नहीं कि मूल सूची में यही नाम था।
है, और सदियों पुरानी है। भागवत की कथा में गोपियाँ यमुना तट पर कात्यायनी का व्रत करती हैं। संदेह इस बात पर है कि इस नाम को पीठनिर्णय की सूची में कैसे और कब जोड़ा गया — देवी-परंपरा पर नहीं।
वैष्णव और शाक्त परंपराएँ आज जितनी अलग दिखती हैं, उतनी अलग कभी नहीं थीं। कात्यायनी का व्रत कृष्ण-कथा के भीतर ही आता है — यानी इस भूमि पर देवी-उपासना बाहर से आई बात नहीं है।
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