FAQ
कालमाधव शक्ति पीठ — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पीठनिर्णय के अनुसार यहाँ नितम्ब गिरा। यहाँ की शक्ति काली और भैरव असितांग कहलाते हैं। यही अंग नर्मदा पीठ पर भी दर्ज है।
यह ज्ञात नहीं है। विद्वान डी. सी. सरकार कोई गाँव, नगर या मंदिर नहीं बताते — उनकी पूरी प्रविष्टि में केवल "माधव देखिए" लिखा है, और वह क्रॉस-रेफ़रेंस भी किसी निश्चित स्थान तक नहीं पहुँचाता।
नहीं, और यही इसे बाक़ी दो अपहचाने पीठों से अलग करता है। पीठनिर्णय और शिवचरित दोनों ग्रंथ अंग, देवी और भैरव तीनों पर सहमत हैं, और नाम में भी कोई उलझन नहीं। यहाँ जो खोया वह पाठ नहीं, स्मृति है।
सदियों तक यह नाम सूची में चलता रहा और नक़ल होता रहा, पर वह जगह भूल गई जिसकी ओर यह इशारा करता था। कहीं कोई मंदिर रहा होगा, कोई गाँव, कोई तट — और अब उसका पता किसी को नहीं।
क्योंकि स्थान ही ज्ञात नहीं। किसी मंदिर का नाम यहाँ जोड़ देना गढ़ी हुई जानकारी होती, और यह इस संग्रह के नियम के विरुद्ध है।
