FAQ
सुगंधा शक्ति पीठ — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पीठनिर्णय के अनुसार यहाँ नासिका — नाक — गिरी। यहाँ की शक्ति सुनंदा और भैरव त्र्यंबक कहलाते हैं। देवी के लिए सुगंधा नाम भी दर्ज है।
यह नाम सुगंधा नदी से आया, जिसे सोंधा भी कहा जाता है। सुगंधा का अर्थ है अच्छी गंध वाली — और जो अंग यहाँ गिरा वह नासिका है, जिससे गंध ली जाती है। नाम, नदी और अंग तीनों एक ही बिंदु पर आ मिलते हैं।
बांग्लादेश के दक्षिणी भाग में, बरिसाल के पास शिकारपुर में, सुगंधा नदी के किनारे। विद्वान डी. सी. सरकार की अनुक्रमणिका भी यही स्थान बताती है और इस पर कोई मतभेद नहीं है।
हाँ, करतोयातट — यानी करतोया नदी का तट। वह भी बांग्लादेश में है। बंगाल की भूमि नदियों से बुनी हुई है, और वहाँ की तीर्थ-सूची में यह बात अपने आप उतर आई।
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