108 दिव्य देशम

divya deśam

वे 108 विष्णु मंदिर जिन्हें आळ्वार संतों ने अपने तमिल पासुरम् में गाया — 106 पृथ्वी पर और 2 दिव्य लोक में।

दिव्य देशम वे विष्णु मंदिर हैं जिनका गुणगान आळ्वार संतों ने किया। कुल 108 हैं — 106 पृथ्वी पर और 2 दिव्य लोक में, जो किसी नक़्शे पर नहीं मिलते।

आळ्वार और मंगलाशासनम्

आळ्वार बारह वैष्णव संत-कवि थे, जो लगभग पाँचवीं से आठवीं शताब्दी के बीच हुए। उन्होंने तमिल में जो पद रचे, वे नालायिर दिव्य प्रबंधम् में संकलित हैं — लगभग चार हज़ार पद।

जिस मंदिर को किसी आळ्वार ने अपने पद में गाया, वह दिव्य देशम कहलाया। इस गाने को मंगलाशासनम् कहा जाता है।

यह गणना का आधार असामान्य है और ध्यान देने योग्य। कोई मंदिर इस सूची में इसलिए नहीं है कि वह बड़ा है, पुराना है या धनी है — वह इसलिए है कि किसी कवि ने उस पर पद कहा। एक कविता ने तय किया कि कौन-सा स्थान सदा के लिए तीर्थ रहेगा।

आळ्वार अलग-अलग पृष्ठभूमि से आए — सब एक वर्ण या एक वर्ग के नहीं थे। जिस परंपरा ने अपने तीर्थ कवियों से तय कराए, उसने यह भी तय नहीं किया कि कवि कौन हो सकता है।

दो जो पृथ्वी पर नहीं हैं

108 में से दो दिव्य देशम पार्थिव नहीं हैं — तिरुप्पारकडल (क्षीरसागर) और तिरुप्परमपदम् (वैकुंठ)।

इनकी कोई यात्रा नहीं होती, कोई दर्शन-समय नहीं होता, कोई मार्ग नहीं होता। वे सूची में हैं क्योंकि आळ्वारों ने उन्हें भी गाया।

परंपरा ने यहाँ एक बात स्पष्ट कर दी — जिस सूची का आधार कविता है, उसमें वह भी आ सकता है जहाँ पहुँचा नहीं जा सकता।

ये कहाँ-कहाँ हैं

106 पार्थिव दिव्य देशम में से 84 अकेले तमिलनाडु में हैं। शेष केरल (11), उत्तर प्रदेश (4), उत्तराखंड (3), आंध्र प्रदेश (2), गुजरात (1) और नेपाल (1) में।

कांचीपुरम् में अकेले 15 हैं — किसी एक नगर में सर्वाधिक।

उत्तर के जो सात दिव्य देशम हैं, वे हमारे अन्य समूहों से जुड़ते हैं: बद्रीनाथ, द्वारका, अयोध्या और मथुरा चारों दिव्य देशम भी हैं और चार धाम, पंच बद्री या सप्त पुरी में भी। एक ही स्थान को दो अलग परंपराओं ने स्वतंत्र रूप से चुना — और इस साइट पर उसका पृष्ठ एक ही है।

स्रोत: divyadesam.com (क्षेत्र-वार सूची) व en.wikipedia.org/wiki/Divya_Desam (राज्य-वार गणना) — दोनों 2026-08-05 को देखे गए

108 दिव्य देशम — पूरी सूची

#मंदिरपेरुमालस्थानविवरण
1तिरुवरंगम् (श्रीरंगम्)श्री रंगनाथस्वामीतिरुचिरापल्ली, तमिलनाडुप्रथम दिव्य देशम
2तिरुक्कोळि (उरैयूर)श्री अऴगिय मणवाळ पेरुमालतिरुचिरापल्ली, तमिलनाडु—
3तिरुक्करंबनूरश्री पुरुषोत्तमन् पेरुमालतिरुचिरापल्ली, तमिलनाडु—
4तिरुवेळ्ळरैश्री पुंडरीकाक्षन् पेरुमालतिरुचिरापल्ली, तमिलनाडु—
5तिरु अन्बिलश्री वडिवऴगिय नंबि पेरुमालतिरुचिरापल्ली, तमिलनाडु—
6तिरुप्पेर नगरश्री अप्पक्कुडत्तान् पेरुमालतिरुचिरापल्ली, तमिलनाडु—
7तिरु तंजैमामणि कोइलश्री नीलमेघ पेरुमालतंजावुर, तमिलनाडु—
8तिरुक्कंडियूरश्री हरशाप विमोचन पेरुमालतंजावुर, तमिलनाडु—
9तिरुक्कूडलूरश्री आडुतुरै पेरुमालतंजावुर, तमिलनाडु—
10तिरुक्कवितलम् (कबिस्थलम्)श्री गजेंद्र वरद पेरुमालतंजावुर, तमिलनाडु—
11तिरुप्पुल्लम् भूतंकुडिश्री वल्विल् रामर पेरुमालतंजावुर, तमिलनाडु—
12तिरु आदनूरश्री आंडु अळक्कुम् अयन् पेरुमालतंजावुर, तमिलनाडु—
13तिरुक्कुडंतै (कुंभकोणम्)श्री सारंगपाणि पेरुमालकुंभकोणम्, तमिलनाडु—
14तिरु विण्णगरश्री ओप्पिलिअप्पन् पेरुमालकुंभकोणम्, तमिलनाडु—
15तिरुनारायूर (नाच्चियार कोइल)श्री तिरुनारायूर नंबि पेरुमालकुंभकोणम्, तमिलनाडु—
16तिरुच्चेरैश्री सारनाथन् पेरुमालकुंभकोणम्, तमिलनाडु—
17तिरुक्कण्णमंगैश्री भक्तवत्सल पेरुमालतंजावुर, तमिलनाडु—
18तिरुनंदिपुर विण्णगरम् (नाथन् कोइल)श्री जगन्नाथ पेरुमालकुंभकोणम्, तमिलनाडु—
19तिरुवेळ्ळियंकुडिश्री कोल वल्विल्लि रामर पेरुमालकुंभकोणम्, तमिलनाडु—
20तिरु इंदळूरश्री परिमल रंगनाथ पेरुमालमयिलाडुतुरै, तमिलनाडु—
21तिरुवऴुंदूरश्री देवादि राज पेरुमालमयिलाडुतुरै, तमिलनाडु—
22तिरु सिरुपुलियूरश्री अरुळ्माकडल् पेरुमालमयिलाडुतुरै, तमिलनाडु—
23तिरुक्कण्णपुरम्श्री सौरिराजन् नीलमेघ पेरुमालनागपट्टिनम्, तमिलनाडु—
24तिरु नागै (नागपट्टिनम्)श्री सौंदरराज पेरुमालनागपट्टिनम्, तमिलनाडु—
25तिरुक्कण्णनकुडिश्री लोकनाथ पेरुमालनागपट्टिनम्, तमिलनाडु—
26तिरु तलैच्चंग नान्मदियम्श्री नान् मदिय पेरुमालनागपट्टिनम्, तमिलनाडु—
27काऴिच्चीराम विण्णगरम्श्री तिरिविक्रमन् पेरुमालशिरकाळि, तमिलनाडु—
28तिरुवेळ्ळक्कुळम् (अण्णन् कोविल)श्री श्रीनिवास पेरुमालशिरकाळि, तमिलनाडु—
29तिरु देवनार तोगैश्री दैव नायग पेरुमालशिरकाळि, तमिलनाडु—
30तिरुवाळि तिरुनगरिश्री लक्ष्मी नरसिंह पेरुमालशिरकाळि, तमिलनाडु—
31तिरु कवलंपाडिश्री गोपाल कृष्ण पेरुमालशिरकाळि, तमिलनाडु—
32तिरु मणिक्कूडम्श्री वरदराज पेरुमालशिरकाळि, तमिलनाडु—
33तिरु पार्थन्पळ्ळिश्री तामरैयाळ् केळ्वन् पेरुमालशिरकाळि, तमिलनाडु—
34तिरु मणिमाड कोविलश्री नारायण पेरुमालशिरकाळि, तमिलनाडु—
35तिरु अरिमेय विण्णगरम्श्री कुड मादु कूत्तन् पेरुमालशिरकाळि, तमिलनाडु—
36तिरु तेट्रि आंबलम्श्री सेग‍न्माल् रंगनाथ पेरुमालशिरकाळि, तमिलनाडु—
37तिरु सेंपोन् सेइ कोविलश्री पेर अरुळाळन् पेरुमालशिरकाळि, तमिलनाडु—
38तिरु वण् पुरुषोत्तमम्श्री पुरुषोत्तम पेरुमालशिरकाळि, तमिलनाडु—
39तिरु वैकुंड विण्णगरम्श्री वैकुंठ नाथन् पेरुमालशिरकाळि, तमिलनाडु—
40तिरुचित्रकूटम् (चिदंबरम्)श्री गोविंदराज पेरुमालचिदंबरम्, तमिलनाडु—
41तिरुवहींद्रपुरम्श्री देव नायग पेरुमालकडलूर, तमिलनाडु—
42तिरुक्कोविलूरश्री त्रिविक्रम पेरुमालविऴुप्पुरम्, तमिलनाडु—
43तिरुक्कच्चिश्री वरदराज पेरुमालकांचीपुरम्, तमिलनाडु—
44अष्टभुजाकरम्श्री आदिकेशव पेरुमालकांचीपुरम्, तमिलनाडु—
45तिरु वेक्काश्री यथोक्तकारीकांचीपुरम्, तमिलनाडु—
46तिरु वेळुक्कैश्री अऴगिय सिंगर पेरुमालकांचीपुरम्, तमिलनाडु—
47तिरुत्तंकाश्री दीप प्रकाशर पेरुमालकांचीपुरम्, तमिलनाडु—
48तिरुक्कल्वनूरश्री आदि वराह पेरुमालकांचीपुरम्, तमिलनाडु—
49तिरु ऊरगम्श्री उलगलंद पेरुमालकांचीपुरम्, तमिलनाडु—
50तिरु नीरगम्श्री जगदीश्वररकांचीपुरम्, तमिलनाडु—
51तिरु कारगम्श्री करुणाकर पेरुमालकांचीपुरम्, तमिलनाडु—
52तिरुक्कार वाणम्श्री तिरुक्कार वाणरकांचीपुरम्, तमिलनाडु—
53तिरुपरमेश्वर विण्णगरम्श्री वैकुंठ पेरुमालकांचीपुरम्, तमिलनाडु—
54तिरु पवळ वण्णन्श्री पवळ वण्णरकांचीपुरम्, तमिलनाडु—
55तिरु निलात्तिंगळ् तुंडम्श्री निलात्तिंगळ् तुंडत्तान् पेरुमालकांचीपुरम्, तमिलनाडु—
56तिरु पाडगम्श्री पांडव दूतरकांचीपुरम्, तमिलनाडु—
57तिरुप्पुट्कुऴिश्री विजयराघव पेरुमालकांचीपुरम्, तमिलनाडु—
58तिरुवल्लिक्केणिश्री पार्थसारथीचेन्नै, तमिलनाडु—
59तिरुनीर्मलैश्री नीर्वण्ण पेरुमालचेन्नै, तमिलनाडु—
60तिरुवेदंतैश्री नित्य कल्याण पेरुमालचेंगलपट्टु, तमिलनाडु—
61तिरु कडल्मलै (महाबलिपुरम्)श्री स्थल शयन पेरुमालमहाबलिपुरम्, तमिलनाडु—
62तिरु निंद्रवूरश्री भक्तवत्सल पेरुमालतिरुवळ्ळूर, तमिलनाडु—
63तिरुएव्वुळूर (तिरुवळ्ळूर)श्री वीरराघव पेरुमालतिरुवळ्ळूर, तमिलनाडु—
64तिरुक्कडिगै (शोलिंगर)श्री योग नरसिंह स्वामीरानीपेट्टै, तमिलनाडु—
65तिरुक्कूडलश्री कूडल अऴगर पेरुमालमदुरै, तमिलनाडु—
66तिरु मोघूरश्री कालमेघ पेरुमालमदुरै, तमिलनाडु—
67तिरुमालिरुंचोलै (अऴगर कोविल)श्री कल्लऴगर पेरुमालमदुरै, तमिलनाडु—
68तिरुक्कोट्टियूरश्री उरग मेल्लनायान् पेरुमालशिवगंगै, तमिलनाडु—
69तिरुमेय्यम्श्री सत्यगिरि नाथ पेरुमालपुदुक्कोट्टै, तमिलनाडु—
70तिरुप्पुल्लाणिश्री कल्याण जगन्नाथ पेरुमालरामनाथपुरम्, तमिलनाडु—
71तिरुत्तंगाल्श्री निंद्र नारायण पेरुमालविरुदुनगर, तमिलनाडु—
72तिरुविल्लिपुत्तूरश्री वडभद्र साई पेरुमालविरुदुनगर, तमिलनाडुआंडाळ का स्थान
73तिरुवैकुंठम् (श्रीवैकुंठम्)श्री वैकुंठनाथ पेरुमालतूतुक्कुडि, तमिलनाडु—
74तिरुवरगुणमंगैश्री विजयासन पेरुमालतूतुक्कुडि, तमिलनाडु—
75तिरुप्पुलिंगुडिश्री काइच्चिन वेंद पेरुमालतूतुक्कुडि, तमिलनाडु—
76तिरुक्कुळंदैश्री श्रीनिवास पेरुमालतूतुक्कुडि, तमिलनाडु—
77तिरुत्तोलै विल्लिमंगलम्श्री अरविंद लोचन पेरुमालतूतुक्कुडि, तमिलनाडुइरट्टै तिरुपति (जुड़वाँ)
78तिरुप्पेरैश्री मगर नेडुंकुऴै काथर पेरुमालतूतुक्कुडि, तमिलनाडु—
79तिरुक्कोळूरश्री वैत्त मानिध पेरुमालतूतुक्कुडि, तमिलनाडु—
80तिरुक्कुरुगूर (आळ्वार तिरुनगरि)श्री आदिनाथ स्वामीतूतुक्कुडि, तमिलनाडुनम्माळ्वार का स्थान
81तिरुवरमंगै वानमामलै (नांगुनेरि)श्री तोताद्रिनाथ पेरुमालतिरुनेलवेली, तमिलनाडु—
82तिरुक्कुरुंगुडिश्री निंद्र नंबि पेरुमालतिरुनेलवेली, तमिलनाडु—
83तिरुवण्परिसारम्श्री कुरळप्प पेरुमालकन्याकुमारी, तमिलनाडु—
84तिरु वट्टारुश्री आदिकेशव पेरुमालकन्याकुमारी, तमिलनाडु—
85तिरुवनंतपुरम्श्री अनंत पद्मनाभस्वामीतिरुवनंतपुरम्, केरल—
86तिरुपुलियूरश्री मायपिरान् पेरुमालचेंगन्नूर, केरल—
87तिरुच्चेंकुंड्रूरश्री इमयवरप्प पेरुमालचेंगन्नूर, केरल—
88तिरुवारन् विलै (आरन्मुळा)श्री पार्थसारथी पेरुमालपत्तनंतिट्टा, केरल—
89तिरुवन्वंदूरश्री पांबनैयप्प पेरुमालचेंगन्नूर, केरल—
90तिरुवल्वाऴ (तिरुवल्ला)श्री कोलपिरा पेरुमालपत्तनंतिट्टा, केरल—
91तिरुक्कडित्तानम्श्री अद्भुत नारायण पेरुमालकोट्टयम्, केरल—
92तिरुक्काट्करैश्री काट्करै अप्प पेरुमालएरणाकुलम्, केरल—
93तिरुमूऴिक्कळम्श्री मूऴिक्कळत्तान् पेरुमालएरणाकुलम्, केरल—
94तिरुविदुवक्कोडुश्री उय्यवंद पेरुमालपालक्काड, केरल—
95तिरु नावायश्री नावाय मुकुंद पेरुमालमलप्पुरम्, केरल—
96तिरुपति (तिरुमला)श्री श्रीनिवास पेरुमालतिरुपति, आंध्र प्रदेश—
97तिरु सिंगवेल् कुंड्रम् (अहोबिलम्)श्री नव नरसिंहरनंद्याल, आंध्र प्रदेश—
98तिरु द्वारकाश्री कल्याण नारायण पेरुमालदेवभूमि द्वारका, गुजरातचार धाम भी
99तिरु अयोध्याश्री रामरअयोध्या, उत्तर प्रदेशसप्त पुरी भी
100तिरु नैमिषारण्यम्श्री देवराज पेरुमालसीतापुर, उत्तर प्रदेश—
101तिरुवाइप्पाडि (गोकुल)श्री नवमोहन कृष्ण पेरुमालमथुरा, उत्तर प्रदेश—
102तिरु वडमथुराश्री गोवर्धन नेस पेरुमालमथुरा, उत्तर प्रदेशसप्त पुरी भी
103तिरुक्कंडम् (देवप्रयाग)श्री नीलमेघ पेरुमालटिहरी गढ़वाल, उत्तराखंडदेवप्रयाग संगम के पास
104तिरुप्पिरुदि (जोशीमठ)श्री परमपुरुष पेरुमालचमोली, उत्तराखंड—
105तिरुवधरि आश्रमम् (बद्रीनाथ)श्री बद्री नारायण पेरुमालचमोली, उत्तराखंडचार धाम, छोटा चार धाम व पंच बद्री भी
106तिरु सालग्रामम् (मुक्तिनाथ)श्री मूर्ति पेरुमालमुस्तांग, नेपालभारत से बाहर एकमात्र दिव्य देशम
107तिरुप्पारकडल (क्षीरसागर)व्यूह रूपदिव्य लोक — पार्थिव नहीं⚠️ यहाँ यात्रा नहीं होती
108तिरुप्परमपदम् (वैकुंठ)परत्व रूपदिव्य लोक — पार्थिव नहीं⚠️ यहाँ यात्रा नहीं होती

सूची का स्रोत: divyadesam.com (क्षेत्र-वार सूची); गिनती en.wikipedia.org/wiki/Divya_Desam की राज्य-वार गणना से cross-check — docs/divya-desam-blueprint.md §1

यात्रा

पूरी 108 की यात्रा वर्षों का काम है और परंपरा में उसे एक निश्चित क्रम में करने का कोई नियम नहीं। अधिकांश यात्री क्षेत्र-वार चलते हैं।

श्रीरंगम् को प्रथम दिव्य देशम माना जाता है और अधिकांश यात्राएँ वहीं से आरंभ होती हैं। कांचीपुरम् में 15 दिव्य देशम एक ही नगर में हैं, इसलिए वह अपने-आप में एक पूरी यात्रा बन जाता है — और शिरकाळि (13) तथा तंजावुर-कुंभकोणम् (13) भी।

दो दिव्य देशम — तिरुप्पारकडल और तिरुप्परमपदम् — पार्थिव नहीं हैं, इसलिए उनकी यात्रा नहीं होती।

⚠️ 104 स्थानों के विस्तृत पृष्ठ अभी तैयार हो रहे हैं; उनकी पंक्ति नीचे की तालिका में है और कड़ी बाद में जुड़ेगी।

108 दिव्य देशम — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न