तिरुक्कुळंदै

Srinivasa Perumal Temple, Perungulam

नव तिरुपति का शनि-मंदिर — जहाँ भगवान और देवी दोनों के नाम तिरुमला के ही हैं।

यह स्थान इनमें भी है:108 दिव्य देशम

दिव्य देशम — एक नज़र में

पेरुमाल
श्रीनिवास पेरुमाल (तिरु वेंकडवन्) — उत्सव-मूर्ति: मायकूत्तन्
थायार
अलर्मेल्वल्लि (तिरुक्कुळंदै वल्लि)
तीर्थम्
ताम्रपर्णी

मंगलाशासनम्: पासुरम्नम्माळ्वार

मंदिर का परिचय व धार्मिक महत्व

तिरुक्कुळंदै — जिसे **पेरुंगुळम्** भी कहा जाता है — तमिलनाडु के **तूतुक्कुडि** ज़िले में, **ताम्रपर्णी** के तट पर है और **नव तिरुपति** के नौ में गिना जाता है।

**यह शनि से जुड़ा है** और इसका वार **शनिवार** है।

(नव तिरुपति की पूरी कथा **तिरुक्कुरुगूर** के पृष्ठ पर है।)

**यहाँ के नाम ध्यान खींचते हैं।**

मूलवर **श्रीनिवास पेरुमाल** हैं — जिन्हें **तिरु वेंकडवन्** भी कहा जाता है — और थायार **अलर्मेल्वल्लि** (तिरुक्कुळंदै वल्लि)।

ये **तिरुमला के ही नाम** हैं।

⚠️ **यहाँ एक पूर्व दावे को सुधार लेना चाहिए।** शिरकाळि के पास **तिरुवेळ्ळक्कुळम् (अण्णन् कोविल)** के विषय में भक्ति-स्रोत कहते हैं कि वह **108 में अकेला** मंदिर है जहाँ पेरुमाल और थायार दोनों के नाम तिरुपति जैसे हैं।

**पर यहाँ भी वही दोनों नाम हैं।**

इसलिए वह "अकेला" वाला दावा टिकता नहीं दिखता। हमने उसे वहाँ भी परंपरा के कथन के रूप में ही दर्ज किया था, तथ्य के रूप में नहीं — और यह record उसी सावधानी को सही ठहराता है।

उत्सव-मूर्ति **मायकूत्तन्** कहलाती है, और मंदिर इसी नाम से भी जाना जाता है।

  • नव तिरुपति के नौ में से एक; शनि से जुड़ा, वार शनिवार।
  • मूलवर श्रीनिवास (तिरु वेंकडवन्) व थायार अलर्मेल्वल्लि — दोनों तिरुमला के नाम।
  • ⚠️ इससे तिरुवेळ्ळक्कुळम् का "108 में अकेला" वाला दावा कमज़ोर पड़ता है।
  • उत्सव-मूर्ति मायकूत्तन्, जिससे मंदिर का लोकप्रिय नाम भी बना।

पौराणिक कथा

नव तिरुपति की साझा कथा तिरुक्कुरुगूर पर है। यहाँ नामों की बात है।

तिरुमला के नाम, ताम्रपर्णी के तट पर

यहाँ मूलवर **श्रीनिवास** हैं और थायार **अलर्मेल्वल्लि** — और ये दोनों **तिरुमला के नाम** हैं।

तिरुपति दक्षिण भारत का सबसे बड़ा वैष्णव तीर्थ है, और उसके नाम दूर-दूर तक दोहराए जाते हैं।

⚠️ **पर यहाँ एक बात सुधार लेने योग्य है।**

शिरकाळि के पास **तिरुवेळ्ळक्कुळम् (अण्णन् कोविल)** के विषय में भक्ति-स्रोत यह कहते हैं कि वह **108 में अकेला** मंदिर है जहाँ पेरुमाल और थायार दोनों के नाम तिरुपति जैसे हैं।

हमने वहाँ वह दावा **परंपरा के कथन** के रूप में दर्ज किया था, तथ्य के रूप में नहीं — क्योंकि वह पूरे 108 पर दावा था और स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हो सका।

अब यह मंदिर सामने है, जहाँ **वही दोनों नाम** हैं।

यानी "अकेला" वाला दावा टिकता नहीं दिखता।

यह इस पूरे काम का एक सबक़ भी है। जब कोई स्रोत "केवल यहीं", "अकेला", "और कहीं नहीं" कहे — तो वह प्रायः उस मंदिर की श्रद्धा बोल रही होती है, गिनती नहीं। ऐसे दावे हमने हर बार आरोपित रूप में ही लिखे हैं, और यही कारण है।

स्रोत: स्थल-परंपरा; साझा कथा हेतु देखें तिरुक्कुरुगूर। विवरण संबद्ध स्रोतों से, 2026-08-05.

दर्शन का समय

इस मंदिर के दर्शन-समय किसी आधिकारिक मंदिर/ट्रस्ट स्रोत पर सत्यापित नहीं हो सके।

सामान्यतः प्रातःकाल से मध्याह्न तक और फिर सायंकाल से रात्रि तक दर्शन होते हैं। ⚠️ शनि से संबद्ध होने के कारण **शनिवार** को यहाँ भीड़ अधिक रहती है।

हमने यहाँ कोई समय इसलिए नहीं छापा कि वह किसी आधिकारिक स्रोत पर उपलब्ध नहीं है। यात्रा-वेबसाइटों पर मिलने वाले समय आपस में मेल नहीं खाते, और एक ग़लत समय ऐसे स्थान पर बहुत महँगा पड़ता है।

कैसे पहुँचें

निकटतम एयरपोर्ट: तूतुक्कुडि हवाई अड्डा
निकटतम रेलवे स्टेशन: तिरुनेलवेली

हवाई मार्ग

तूतुक्कुडि हवाई अड्डा

तिरुनेलवेली क्षेत्र से जुड़ा हुआ।

रेल मार्ग

तिरुनेलवेली

वहाँ से सड़क मार्ग से।

सड़क मार्ग

पेरुंगुळम्

नव तिरुपति के मार्ग पर; तिरुनेलवेली से बस उपलब्ध।

अंतिम चरण: सड़क मंदिर तक जाती है; कोई चढ़ाई नहीं।

सुगमता: सुगम — कोई चढ़ाई नहीं।

कब जाएँ

सर्वोत्तम समय: नवंबर से फ़रवरी। शनि से संबद्ध होने के कारण शनिवार का विशेष महत्व माना जाता है, पर तब भीड़ भी अधिक रहती है।

आसपास के मंदिर व दर्शनीय स्थल

  • नव तिरुपति के अन्य मंदिर — ताम्रपर्णी के तट पर।

यात्रा सुझाव

वस्त्र: शालीन वस्त्र।

ठहरने की व्यवस्था: ठहरने के विकल्प तिरुनेलवेली व तूतुक्कुडि में हैं।

एक नज़र में

प्रकारमंदिर
मंदिरश्री श्रीनिवास पेरुमाल मंदिर
स्थानपेरुंगुळम्, ताम्रपर्णी तट, तिरुनेलवेली के पास
ज़िलातूतुक्कुडि
राज्यतमिलनाडु
प्रबंधनतमिलनाडु हिंदू धार्मिक व धर्मादाय बंदोबस्ती विभाग (HR&CE)

तिरुक्कुळंदै — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न