श्री हनुमान मंदिर, कनॉट प्लेस

Hanuman Temple, Connaught Place

दिल्ली का वह प्राचीन हनुमान मंदिर जिसके शिखर पर ॐ नहीं, अर्धचंद्र है।

यह स्थान इनमें भी है:प्रसिद्ध हनुमान मंदिर

मंदिर का परिचय व धार्मिक महत्व

यह मंदिर नई दिल्ली में बाबा खड़क सिंह मार्ग पर है — कनॉट प्लेस से लगभग 250 मीटर दक्षिण-पश्चिम में। इसे दिल्ली के उन **पाँच मंदिरों में गिना जाता है जिन्हें महाभारत-काल का माना जाता है।**

गर्भगृह में **स्वयंभू** प्रतिमा है — यानी जो गढ़ी नहीं गई, प्रकट हुई मानी जाती है। यहाँ भी हनुमान **बाल रूप** में हैं, और उन्हें "श्री हनुमान जी महाराज" कहकर पूजा जाता है।

पर इस मंदिर की सबसे असामान्य बात ऊपर है, शिखर पर। **वहाँ ॐ या सूर्य का चिह्न नहीं, अर्धचंद्र है** — वही जो सामान्यतः इस्लामी वास्तु में दिखता है।

परंपरा इसका कारण यह बताती है कि तुलसीदास ने यहाँ एक चमत्कार दिखाया था, जिसके बाद एक मुग़ल सम्राट ने यह शिखर-चिह्न भेंट किया।

यह अपने आप में दिल्ली की एक कहानी है — एक हनुमान मंदिर, जिसके शिखर पर सदियों से एक ऐसा चिह्न लगा है जो किसी और परंपरा का है, और जिसे किसी ने हटाया नहीं।

**मंगलवार और शनिवार** को यहाँ भक्तों की बड़ी संख्या जुटती है।

  • शिखर पर ॐ या सूर्य के स्थान पर अर्धचंद्र — दिल्ली के मंदिरों में यह अनूठा है।
  • दिल्ली के उन पाँच मंदिरों में गिना जाता है जिन्हें महाभारत-काल का माना जाता है।
  • गर्भगृह में स्वयंभू प्रतिमा; हनुमान बाल रूप में।
  • परंपरा के अनुसार अर्धचंद्र एक मुग़ल सम्राट की भेंट है, तुलसीदास से जुड़े एक प्रसंग के बाद।
  • मंगलवार व शनिवार को विशेष भीड़।

पौराणिक कथा

इस मंदिर की सबसे दिलचस्प परंपरा उसके शिखर से जुड़ी है।

शिखर पर अर्धचंद्र

परंपरा कहती है कि तुलसीदास ने यहाँ एक चमत्कार दिखाया, और उससे प्रभावित होकर एक मुग़ल सम्राट ने मंदिर के शिखर के लिए अर्धचंद्र का चिह्न भेंट किया।

वह चिह्न आज भी वहीं है — ॐ या सूर्य की जगह।

इस बात को किस रूप में पढ़ा जाए, यह पाठक पर है। पर इतना दिखता है कि दिल्ली के बीचोंबीच खड़े इस मंदिर पर सदियों से एक ऐसा चिह्न लगा है जो किसी और परंपरा से आया, और किसी ने उसे हटाने की आवश्यकता नहीं समझी।

नगर की स्मृति ऐसी ही होती है — उसमें सब कुछ एक साथ रह जाता है।

स्रोत: स्थल-परंपरा; विवरण en.wikipedia.org/wiki/Hanuman_Temple,_Connaught_Place से सत्यापित

दर्शन का समय

इस मंदिर के लिए कोई आधिकारिक दर्शन-समय या आरती-तालिका सत्यापित स्रोत पर उपलब्ध नहीं मिली।

मंदिर प्रातःकाल से रात्रि तक दर्शन हेतु खुला रहता है। मंगलवार और शनिवार को यहाँ भक्तों की बड़ी संख्या जुटती है और पंक्ति लंबी हो जाती है।

हमने यहाँ कोई समय इसलिए नहीं छापा कि वह किसी आधिकारिक स्रोत पर उपलब्ध नहीं है। यात्रा-वेबसाइटों पर मिलने वाले समय आपस में मेल नहीं खाते, और एक ग़लत समय ऐसे स्थान पर बहुत महँगा पड़ता है।

कैसे पहुँचें

निकटतम एयरपोर्ट: इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, दिल्ली
निकटतम रेलवे स्टेशन: नई दिल्ली रेलवे स्टेशन

हवाई मार्ग

इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, दिल्ली

नगर के भीतर; मेट्रो व टैक्सी दोनों सुगम।

रेल मार्ग

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन

कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर।

सड़क मार्ग

बाबा खड़क सिंह मार्ग, कनॉट प्लेस

निकटतम मेट्रो स्टेशन राजीव चौक है; वहाँ से पैदल पहुँचा जा सकता है।

अंतिम चरण: मेट्रो अथवा सड़क से पहुँचकर कुछ ही दूरी पैदल।

सुगमता: सुगम — नगर के मध्य में, कोई चढ़ाई नहीं।

कब जाएँ

सर्वोत्तम समय: अक्टूबर से मार्च, जब दिल्ली में मौसम अनुकूल रहता है। हनुमान जयंती पर विशेष आयोजन होते हैं। मंगलवार व शनिवार को भीड़ अधिक रहती है।

प्रमुख त्योहार

  • हनुमान जयंती

आसपास के मंदिर व दर्शनीय स्थल

  • कनॉट प्लेस — मंदिर से लगभग 250 मीटर उत्तर-पूर्व में।
  • बंगला साहिब गुरुद्वारा — इसी मार्ग पर, पास ही।

यात्रा सुझाव

वस्त्र: शालीन वस्त्र।

ठहरने की व्यवस्था: दिल्ली में हर प्रकार की व्यवस्था उपलब्ध है।

एक नज़र में

प्रकारमंदिर
मंदिरश्री हनुमान मंदिर
स्थाननई दिल्ली
ज़िलानई दिल्ली
राज्यदिल्ली

श्री हनुमान मंदिर, कनॉट प्लेस — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न