जाखू मंदिर

Jakhu Temple, Shimla

शिमला की सबसे ऊँची पहाड़ी पर वह मंदिर जहाँ 108 फुट ऊँची हनुमान प्रतिमा पूरे नगर से दिखाई देती है।

यह स्थान इनमें भी है:प्रसिद्ध हनुमान मंदिर

मंदिर का परिचय व धार्मिक महत्व

जाखू मंदिर शिमला की **जाखू पहाड़ी** पर है, जो नगर की सात पहाड़ियों में सबसे ऊँची है।

सन् **2010** में यहाँ **108 फुट ऊँची** हनुमान प्रतिमा स्थापित की गई। वह इतनी ऊँचाई पर और इतनी बड़ी है कि शिमला के लगभग हर हिस्से से दिखाई देती है — नगर में कहीं भी खड़े होकर ऊपर देखिए, वे वहाँ हैं।

यह प्रतिमा **विश्व की सबसे ऊँची हनुमान प्रतिमा** के रूप में गिनीज़ बुक में दर्ज हुई।

परंपरा इस स्थान को रामायण से जोड़ती है। कहा जाता है कि लक्ष्मण के लिए **संजीवनी** की खोज में जाते समय हनुमान ने यहीं विश्राम किया था।

यह जोड़ भूगोल के साथ सुंदर बैठता है। संजीवनी हिमालय में थी, और जाखू उसी हिमालय की एक चोटी है — रास्ते में पड़ने वाला एक पड़ाव, जहाँ कोई कुछ देर रुका।

⚠️ पहाड़ी पर **बंदर बहुत हैं** और वे चश्मे, मोबाइल तथा खाने की वस्तुएँ छीन लेते हैं। यह यहाँ की सबसे आम शिकायत है और इसे पहले से जान लेना ही बचाव है।

  • 108 फुट ऊँची हनुमान प्रतिमा, सन् 2010 में स्थापित।
  • विश्व की सबसे ऊँची हनुमान प्रतिमा के रूप में गिनीज़ बुक में दर्ज।
  • शिमला की सात पहाड़ियों में सबसे ऊँची — जाखू पहाड़ी पर।
  • प्रतिमा नगर के लगभग हर हिस्से से दिखाई देती है।
  • परंपरा: संजीवनी की खोज में जाते समय हनुमान ने यहीं विश्राम किया।

पौराणिक कथा

जाखू की परंपरा रामायण के उस क्षण से जुड़ी है जब सबसे अधिक जल्दी थी।

रास्ते में रुकना

कथा कहती है कि लक्ष्मण मूर्च्छित थे और संजीवनी बूटी लाने का समय बहुत थोड़ा था। हनुमान हिमालय की ओर उड़े।

परंपरा कहती है कि उसी यात्रा में वे यहाँ कुछ देर रुके।

यह छोटी-सी बात ध्यान खींचती है। जिस यात्रा में एक-एक क्षण मूल्यवान था, उसमें भी एक पड़ाव आया — और वह पड़ाव आज एक मंदिर है।

जाखू पर खड़े होकर नीचे शिमला देखते हुए यह बात कुछ और लगती है। सबसे ज़रूरी काम के बीच भी कहीं रुकना पड़ता है, और जहाँ कोई रुकता है वह जगह याद रह जाती है।

स्रोत: स्थानीय स्थल-परंपरा; विवरण संबद्ध स्रोतों से, 2026-08-04 को देखे गए

इतिहास

प्रतिमा की स्थापना

मंदिर पुराना है, पर जो प्रतिमा आज इसकी पहचान बन चुकी है वह नई है — 108 फुट ऊँची यह प्रतिमा सन् 2010 में स्थापित हुई।

वह विश्व की सबसे ऊँची हनुमान प्रतिमा के रूप में गिनीज़ बुक में दर्ज हुई, और उसके बाद जाखू शिमला आने वाले अधिकांश यात्रियों की सूची में आ गया।

स्रोत: संबद्ध स्रोत, 2026-08-04 को देखे गए

2010 ई.
108 फुट ऊँची हनुमान प्रतिमा की स्थापना।

दर्शन का समय

जाखू मंदिर के लिए कोई आधिकारिक दर्शन-समय सत्यापित स्रोत पर उपलब्ध नहीं मिली।

मंदिर दिन के उजाले में दर्शन हेतु खुला रहता है। चढ़ाई और पहाड़ी मार्ग को देखते हुए दिन में जाना ही व्यावहारिक है — अँधेरे में लौटना उचित नहीं।

हमने यहाँ कोई समय इसलिए नहीं छापा कि वह किसी आधिकारिक स्रोत पर उपलब्ध नहीं है। यात्रा-वेबसाइटों पर मिलने वाले समय आपस में मेल नहीं खाते, और एक ग़लत समय ऐसे स्थान पर बहुत महँगा पड़ता है।

कैसे पहुँचें

निकटतम एयरपोर्ट: जुब्बड़हट्टी हवाई अड्डा, शिमला
निकटतम रेलवे स्टेशन: शिमला रेलवे स्टेशन

हवाई मार्ग

जुब्बड़हट्टी हवाई अड्डा, शिमला

चंडीगढ़ का हवाई अड्डा अधिक विकल्प देता है।

रेल मार्ग

शिमला रेलवे स्टेशन

कालका-शिमला नैरो गेज रेल — स्वयं एक विश्व धरोहर मार्ग।

सड़क मार्ग

शिमला

चंडीगढ़ व दिल्ली से नियमित बस सेवा।

पैदल यात्रा (ट्रेक)

रिज (शिमला) से लगभग 2 किमी की चढ़ाई — लगभग 30 से 45 मिनट · कठिनाई: मध्यम — खड़ी चढ़ाई, पर मार्ग बना हुआ है

रिज से जाखू तक लगभग दो किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई है। जो चढ़ना न चाहें उनके लिए **रोपवे** की सुविधा भी उपलब्ध है, और सड़क मार्ग से टैक्सी भी ऊपर तक जाती है। ⚠️ मार्ग पर बंदर बहुत हैं और वे चश्मे, मोबाइल व खाने की वस्तुएँ छीन लेते हैं। हाथ में कुछ खुला न रखें; प्रसाद भी ऊपर पहुँचकर ही लें।

स्रोत: संबद्ध स्रोत, 2026-08-04

अंतिम चरण: रिज से पैदल, अथवा रोपवे या टैक्सी से ऊपर तक।

सुगमता: पैदल चढ़ाई खड़ी है, पर रोपवे और सड़क दोनों विकल्प हैं — इसलिए वृद्ध व अस्वस्थ यात्री भी दर्शन कर सकते हैं।

कब जाएँ

सर्वोत्तम समय: मार्च से जून और सितंबर से नवंबर। शीतकाल में यहाँ भारी हिमपात होता है — दृश्य सुंदर रहता है, पर चढ़ाई फिसलन भरी हो जाती है। वर्षा-काल में मार्ग फिसलन भरा रहता है।

प्रमुख त्योहार

  • हनुमान जयंती
  • दशहरा

आसपास के मंदिर व दर्शनीय स्थल

  • द रिज, शिमला (लगभग 2 किमी) — नगर का केंद्र; चढ़ाई यहीं से शुरू होती है।
  • मॉल रोड — रिज से लगा हुआ; शिमला का मुख्य बाज़ार।

यात्रा सुझाव

वस्त्र: गर्म कपड़े और पकड़ वाले जूते। ⚠️ चश्मा, मोबाइल व खाने की वस्तुएँ सँभालकर रखें — बंदर छीन लेते हैं।

ठहरने की व्यवस्था: शिमला में हर प्रकार की व्यवस्था उपलब्ध है।

एक नज़र में

प्रकारमंदिर
मंदिरश्री जाखू हनुमान मंदिर
स्थानशिमला
ज़िलाशिमला
राज्यहिमाचल प्रदेश

जाखू मंदिर — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न