दिव्य देशम — एक नज़र में
मंगलाशासनम्: पासुरम् — तिरुमंगै आळ्वार (चारों सह-स्थित दिव्य देशम एक ही पद में)
मंदिर का परिचय व धार्मिक महत्व
तिरु कारगम् कांचीपुरम् के **उलगलंद पेरुमाल मंदिर** परिसर के भीतर है और 108 दिव्य देशम में इसकी अपनी गणना है। यहाँ का पेरुमाल **करुणाकर** है — यानी करुणा करने वाले।
यह उन चार दिव्य देशम में से एक है जो एक ही परिसर में हैं — तिरु ऊरगम्, तिरु नीरगम्, तिरु कारगम् और तिरु कार वाणम्। 108 में यह स्थिति और कहीं नहीं मिलती।
तिरुमंगै आळ्वार ने एक ही पद में चारों का गुणगान किया।
यात्रा की दृष्टि से यहाँ अलग से जाने की आवश्यकता नहीं — उलगलंद पेरुमाल मंदिर पहुँचकर चारों के दर्शन एक साथ हो जाते हैं।
- उलगलंद पेरुमाल परिसर के भीतर की सन्निधि; 108 में अपनी अलग गणना।
- यहाँ का पेरुमाल करुणाकर है — करुणा करने वाले।
- उन चार दिव्य देशम में से एक जो एक ही परिसर में हैं।
दर्शन का समय
इस सन्निधि के दर्शन-समय किसी आधिकारिक स्रोत पर सत्यापित नहीं हो सके।
दर्शन उलगलंद पेरुमाल मंदिर के समय के अनुसार ही होते हैं, क्योंकि यह सन्निधि उसी परिसर में है।
कैसे पहुँचें
हवाई मार्ग
चेन्नै अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा
चेन्नै से कांचीपुरम् लगभग 72 किमी।
रेल मार्ग
कांचीपुरम् रेलवे स्टेशन
चेन्नै से नियमित गाड़ियाँ।
सड़क मार्ग
कांचीपुरम्
उलगलंद पेरुमाल मंदिर के भीतर — अलग से कोई पता नहीं।
अंतिम चरण: उलगलंद पेरुमाल मंदिर परिसर के भीतर।
सुगमता: सुगम — कोई चढ़ाई नहीं।
कब जाएँ
सर्वोत्तम समय: नवंबर से फ़रवरी, जब तमिलनाडु में मौसम सबसे अनुकूल रहता है।
आसपास के मंदिर व दर्शनीय स्थल
- तिरु ऊरगम् — कांचीपुरम्, तमिलनाडु
- तिरु नीरगम् — कांचीपुरम्, तमिलनाडु
- तिरुक्कार वाणम् — कांचीपुरम्, तमिलनाडु
