FAQ
महर्षि माण्डव्य — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
महाभारत (आदि पर्व, Section CVII–CVIII) के अनुसार एक धर्मनिष्ठ ब्राह्मण, जिन्हें चोरों के भ्रम में शूल पर चढ़ाया गया; शूल का अंश शरीर में रहने से वे अणी-माण्डव्य कहलाए।
महाभारत के अनुसार माण्डव्य के शाप से धर्मराज विदुर के रूप में जन्मे।
भृगु-कुल के जामदग्न्य वत्स गण में — प्रवर: भार्गव, च्यावन, आप्नवान, और्व, जामदग्न्य।
नाम एक है, पर महाभारत उन्हें गोत्र-परंपरा से नहीं जोड़ता और गोत्र-ग्रंथ कथा का उल्लेख नहीं करते। इसलिए हम दोनों को एक नहीं कहते।
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