FAQ
महर्षि कुत्स — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
ऋग्वेद के सूक्त-द्रष्टा। सर्वानुक्रमणी (p. 9) के अनुसार ऋग्वेद 1.94 और 1.101 के ऋषि कुत्स हैं।
कुत्स के वंशज। सर्वानुक्रमणी (p. 42) ऋग्वेद 10.105 का ऋषि "कौत्स दुर्मित्र" बताती है।
ग्रंथ की तालिका में कुत्स यौवनाश्व गण (गण 32) में है, प्रवर: आङ्गिरस, आम्बरीष, यौवनाश्व।
आङ्गिरस-परंपरा के केवल-आङ्गिरस समूह के।
प्रवरमञ्जरी (p. 3) के अनुसार नहीं — "हरितकुत्सानां परस्परमविवाहः"।
