FAQ
हरित — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
विष्णु पुराण (4.3) के अनुसार इक्ष्वाकु-वंश के मान्धाता के पौत्र युवनाश्व के पुत्र, जिनसे "आङ्गिरस हारित" वंश चला।
यौवनाश्व गण (गण 32) का: आङ्गिरस, आम्बरीष, यौवनाश्व — विष्णु पुराण की वंशावली के अम्बरीष और युवनाश्व।
विष्णु पुराण उन्हें "आङ्गिरस हारित" कहता है, और अनुवादक की टिप्पणी के अनुसार लिङ्ग पुराण उन्हें अंगिरा के पक्ष के, क्षत्रिय-गुणों वाले ब्राह्मण बताता है। ग्रंथ इससे आगे कारण नहीं देते।
प्रवरमञ्जरी (p. 3) के अनुसार नहीं — दोनों यौवनाश्व गण के हैं।
महाभारत (शान्ति पर्व) में "हारीत" नाम के एक ऋषि का उपदेश है; ग्रंथ उन्हें युवनाश्व के पुत्र हरित से नहीं जोड़ते, इसलिए हम उन्हें एक नहीं कहते।
