हरित

युवनाश्व के पुत्र; "आङ्गिरस हारितों" के पूर्वज

संक्षेप में

विष्णु पुराण (अंश 4, अध्याय 3) के अनुसार मान्धाता के पुत्र अम्बरीष, अम्बरीष के पुत्र युवनाश्व, और युवनाश्व के पुत्र हरित थे, जिनसे "आङ्गिरस हारित" वंश चला। गोत्र-प्रवर ग्रंथों में हरित गोत्र यौवनाश्व गण में है, और उसका प्रवर — आङ्गिरस, आम्बरीष, यौवनाश्व — इसी वंशावली के नाम हैं। प्रवरमञ्जरी के अनुसार हरित और कुत्स आपस में विवाह नहीं करते।

ग्रंथों में

  • "The son of Ambarisha, the son of Mandhatri, was Yuvanashva: his son was Harita, from whom the Angirasa Haritas were descended."
  • अनुवादक की टिप्पणी: टीकाकार इसका अर्थ "आङ्गिरस ब्राह्मण, जिनमें हारित परिवार प्रमुख था" बताते हैं; और लिङ्ग पुराण हारितों को अंगिरा के पक्ष के, क्षत्रिय-गुणों वाले ब्राह्मण कहता है।
  • यौवनाश्व गण (गण 32) में "हरितः" (आश्वलायन, बौधायन) और "हरिताः" (आपस्तम्ब); प्रवर: आङ्गिरस, आम्बरीष, यौवनाश्व।
  • "हरितकुत्सानां परस्परमविवाहः" — हरित और कुत्स आपस में विवाह नहीं करते।

हरित से जुड़े गोत्र-पृष्ठ

कुल और प्रवर

ऋषि से गोत्र — हर गोत्रकार के प्रवर वाले गण

स्रोत

हरित — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न