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महर्षि गालव — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
महाभारत (उद्योग पर्व) के अनुसार विश्वामित्र के शिष्य, जिनकी गुरु-दक्षिणा की कथा "गालव-चरित" कहलाती है।
महाभारत के अनुसार उन्हें आठ सौ ऐसे श्वेत घोड़े चाहिए थे जिनका एक कान काला हो; उनकी खोज ही गालव-चरित है।
गोत्र-प्रवर ग्रंथों में यह नाम दो कुलों में है — विश्वामित्र-कुल (आश्वलायन, मत्स्य) और भृगु-कुल (मत्स्य, कात्यायन)।
विश्वामित्र-कुल में: वैश्वामित्र, दैवरात, औदल। भृगु-कुल में: भार्गव, च्यावन, आप्नवान, और्व, जामदग्न्य।
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