FAQ
महर्षि मुद्गल — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
सर्वानुक्रमणी (p. 42) के अनुसार ऋग्वेद 10.102 के ऋषि मुद्गल भार्म्यश्व, जिन्होंने मुद्गर और बैल के सहारे दौड़ जीती।
मुद्गल गण (गण 30) का: आङ्गिरस, भार्म्यश्व, मौद्गल्य।
सर्वानुक्रमणी मुद्गल को "भार्म्यश्व" कहती है — प्रवर का वही नाम।
वन पर्व (CCLVIII) में कुरुक्षेत्र के एक धर्मनिष्ठ मुद्गल, जिनकी दुर्वासा ने परीक्षा ली। ग्रंथ उन्हें ऋग्वेद वाले मुद्गल से नहीं जोड़ते।
गोत्र-प्रवर ग्रंथों में आङ्गिरस-परंपरा के केवल-आङ्गिरस समूह के।
