महर्षि पुलस्त्य

ब्रह्मा के मानस-पुत्र; वंशज अगस्त्य-कुल में

संक्षेप में

महर्षि पुलस्त्य ब्रह्मा के छह मानस-पुत्रों में से हैं — महाभारत (आदि पर्व) के अनुसार मरीचि, अत्रि, अंगिरा, पुलस्त्य, पुलह और क्रतु। गोत्र-प्रवर ग्रंथों में उनके वंशज अगस्त्य-कुल के मायोभुव गण में दर्ज हैं। महाभारत (उद्योग पर्व, Section CXVII) पुलस्त्य की पत्नी संध्या बताता है। मत्स्य पुराण के अनुसार पुलस्त्य ने अपने पुत्रों के राक्षस होने से दुखी होकर अगस्त्य के पुत्र को गोद लिया।

महाभारत के ऋषि

ग्रंथों में

  • पुलस्त्य ब्रह्मा के छह मानस-पुत्रों में हैं।
  • पुलस्त्य ने अगस्त्य के एक पुत्र को गोद लिया; इसलिए पौलस्त्य "अगस्त्य" कहलाते हैं।
  • मायोभुव गण (गण 71) का प्रवर: आगस्त्य, माहेन्द्र, मायोभुव — कात्यायन और मत्स्य के अनुसार।
  • पुलस्त्य की पत्नी संध्या।

पुलस्त्य से जुड़े गोत्र-पृष्ठ

कुल और प्रवर

ऋषि से गोत्र — हर गोत्रकार के प्रवर वाले गण

स्रोत

महर्षि पुलस्त्य — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न