महर्षि अंगिरा

आङ्गिरस-परंपरा के मूल ऋषि

संक्षेप में

महर्षि अंगिरा आङ्गिरस-परंपरा के मूल ऋषि हैं। महाभारत (आदि पर्व) के अनुसार ब्रह्मा के छह मानस-पुत्र हैं — मरीचि, अत्रि, अंगिरा, पुलस्त्य, पुलह और क्रतु। गोत्र-प्रवर ग्रंथों में आङ्गिरस-परंपरा के 23 गण हैं, जो गौतम, भारद्वाज और केवल-आङ्गिरस — तीन समूहों में बँटे हैं।

महाभारत के ऋषि

ग्रंथों में

  • ब्रह्मा के छह मानस-पुत्र: मरीचि, अत्रि, अंगिरा, पुलस्त्य, पुलह, क्रतु।
  • आङ्गिरस-परंपरा के 23 गण (गण 12–34), लगभग सबके प्रवर में पहला नाम "आङ्गिरस"।
  • मत्स्य पुराण आङ्गिरस-कुल के समूह और उनके प्रवर गिनाता है।

अंगिरा-कुल के गोत्र-पृष्ठ

कुल और प्रवर

संबंधित गाथाएँ

स्रोत

महर्षि अंगिरा — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न